कोरोना: यूपी के हा’लातों पर CM योगी ने ठोका था ऐसा दावा, फिर हाई कोर्ट ने खोल दी ये पोल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को दा’वा किया था कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था काफी बेहतर है। राज्य के किसी भी जिले में प’रेशानी का सामना नहीं किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के दा’वे से अलग इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि सूबे की स्वास्थ्य व्यवस्था राम भरोसे चल रही है। इसमें तात्काल सुधार की आवश्यकता है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को कई सु’झाव दिए हैं। अदालत की तरफ से कहा गया है कि बड़े औद्योगिक घ’राने दान करने वाला फं’ड वैक्सीन खरीदने में लगाए। बीएचयू के अलावा गोरखपुर, प्रयागराज, आगरा, मेरठ के मेडिकल कॉलेज को चार महीने में एसजीपीजीआई स्तर का सुविधायुक्त बनाया जाए। साथ ही अदा’लत ने सरकार से 22 मई की अगली तारीख पर मेडिकल कॉलेज के अपग्रेडेशन प्लान को भी पेश करने के लिए कहा है।

अदालत ने सरकार से कहा है कि हर छोटे शहर में 20 एंबुलेंस हर गांव में आईसीयू सुविधा वाली 2 एंबुलेंस जरूर रखी जाए। साथ ही नर्सिंग होम की सुविधाओं को भी बढ़ाया जाए। 30 बेड वाले नर्सिंग होम को अपना ऑक्सीजन प्रोडक्शन प्लांट रखना होगा। अदालत ने मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोविड मरीज संतोष कुमार के लापता होने में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की ला’परवाही को गं’भीर मानते हुए अपर मुख्य सचिव चिकित्सा व स्वास्थ्य को जिम्मेदारी तय करने का निर्देश दिया है।

बताते चलें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दा’वा किया था कि राज्य में कोविड-19 से रिकवरी दर 90 प्रतिशत है। साथ ही उन्होंने कहा है कि दूसरे राज्यों में लोग बिना इलाज के ही म’र रहे हों, पर यूपी में स्थिति काबू में है। सीएम ने कहा था कि कि प्रदेश में कोरोना वायरस से सं’क्रमण मुक्त होने की दर लगातार बढ़ रही है तथा सं’क्रमण दर में निरं’तर गि’रावट दर्ज हो रही है जो अप्रैल में 16.33 प्रतिशत से घ’टकर अब 4.8 फीसदी पर आ गई है।

आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश को’रोना वा’यरस की सर्वाधिक जांच करने वाला राज्य बन गया है जहां प्रतिदिन औसतन 2.5 लाख नमूनों की जांच की जा रही है। प्रदेश में अब तक तीन करोड़ लोगों को कोविड रोधी टीका मुफ्त लगाया जा चुका है।