भूमि पूजन पर ओवैसी के बयान पर वसीम रिज़वी का जवाब : राम मंदिर पर चुप्पी साध लें या फिर पा’किस्तान चले जाएं

असदुद्दीन ओवैसी ने भूमि पूजन कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशा’ना सा’धा था जिसके बाद शि’या वक्फ बोर्ड चेयरमैन सैयद वसीम रिज़वी ने उनको जवाब दिया। ओवैसी के ब’यान पर जवाब देते हुए रिजवी ने वीडियो जारी किया है।

वीडियो में उन्होंने कहा कि या तो राम मंदिर पर वह चुप्पी सा’ध लें या फिर पा’किस्तान चले जाएं। दरअसल, राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन में पीएम मोदी के शामिल होने पर AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि पीएम मोदी को कार्यक्रम में नहीं जाना चाहिए था वह देश के प्रधानमंत्री हैं किसी मजहब के नहीं। उन्होंने पांच अगस्त और 15 अगस्त को मिला दिया और स्वतंत्रता सेनानियों की तौ’हीन की है।

उनके इस ब’यान पर रिजवी ने कहा कि अगर ओवैसी को कोई प’रेशानी है तो वह पा’किस्तान चले जाएं लेकिन देश के मुसलमानों को शांति से रहने दें। उन्होंने कहा कि ओवैसी को धर्म आधारित राजनीति बंद कर देनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि पा’किस्तान और अफ’गानिस्तान में आ’तं’की सं’गठनों के प्रमुख मा’रे गए हैं, इन देशों को ओवैसी जैसे लोगों की जरूरत है। आप वहां चले जाइए यहां के मुस्लिमों को शांति से रहने दीजिए।

रिजवी ने आगे कहा कि मंदिरों को तो’ड़ने वाले तुम्हारे पू’र्वज थे। जिनका ह’क तुमने छीना था, भारतीय संविधान ने उन्हें उनका हक दिला दिया। हम सब भारतीय संविधान के नियमों से बंधे हैं और उसी सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर निर्माण की राह दिखाई है।

रिजवी ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर भी निशा’ना सा’धा और कहा कि बोर्ड इस बात के इंतजार में है कि ‘हिंदुस्तान में एक बार फिर वो बा’बरी फौज बनाएगा हिंदुस्तान में गृ’ह यु’द्ध कराएगा और शीर्ष पर क’ब्जा ज’मा लेगा। उन्हें पता नहीं है हिंदुस्तान का मु’सलमान ऐसा होने नहीं देगा। उनके मं’सूबे कामयाब नहीं होंगे।

ओवैसी ने पीएम मोदी के भूमिपूजन में जाने पर क्या कहा?

अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास को लेकर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशा’ना सा’धा है. ओवैसी ने कहा कि नरेंद्र मोदी को भूमि पूजन में नहीं जाना चाहिए था. वो किसी खास मजहब के पीएम नहीं हैं. AIMIM चीफ ने कहा कि पीएम ने 15 अगस्त को आज 5 अगस्त से मिला दिया. मैं पूछना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री ने आज किसे शि’कस्त दी है? ये स्वतंत्रता सेनानियों की तौ’हीन की गई है.