वि’कास दुबे का पूरा गैं’ग 8 दिन में ख’त्म, 30 साल में थे 62 के’स, थाने में…

कानपुर के चौबेपुर में 8 पुलिसक’र्मियों की ह’त्या करने के बाद पिछले करीब एक हफ्ते से फरा’र चल रहे गैं’गस्टर विकास दुबे को पुलिस ने शुक्रवार सुबह एनका’उंटर में मा’र गि’राया। उसे गुरुवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन से पक’ड़ा गया था।

यूपी पुलिस उसे मध्य प्रदेश से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर कानपुर आ रही थी। पुलिस के मुताबिक, कानपुर के भौती के पास ही उनकी गाड़ी पल’टने के बाद विकास दुबे ने भा’गने की कोशिश की। हालांकि, मु’ठभेड़ में उसे मा’र गि’राया गया। गौरतलब है कि पिछले 8 दिनों में विकास के गैं’ग के सात लोगों में 5 को पुलिस ने एनकाउं’टर में ही मा’रा है। सिर्फ दो लोगों को ही गि’रफ्तार किया गया।

यूपी पुलिस ने वि’कास दुबे की खोज के दौरान ठीक एक हफ्ते पहले बिकरु गांव के जंगलों में उसके मामा प्रेम प्रकाश पांडे और चचेरे भाई अतुल दुबे को एनका’उंटर में मा’र गि’राया था। इसके बाद पुलिस ने वि’कास के करीबी दयाशंकर अग्निहोत्री को कल्याणपुर इलाके में मु’ठभेड़ के दौरान प’कड़ लिया था।

दयाशंकर के पैर में गो’ली लगी थी। पुलिस ने घे’राबं’द करने के बाद उससे स’रेंडर करने को कहा था, लेकिन उसने देसी तमं’चे से पुलिस पर फाय’रिंग कर दी और भा’गने की कोशिश की।

इसके बाद पुलिस को विकास के राइट हैंड कहे जाने वाले अमर दुबे के भी हमीरपुर में छि’पे होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने उसे गि’रफ्तार करने पहुंची, लेकिन फाय’रिंग के बाद पुलिस ने अमर दुबे को एनका’उंटर में मा’र गि’राया।

पुलिस ने इसी हफ्ते विकास के एक और करीबी श्यामू बाजपेयी का भी एनकाउं’टर किया था, इसमें श्यामू के पै’र में गो’ली लगी थी। उसे बाद में गि’रफ्तार कर हैलट अस्पताल में भर्ती क’रा दिया गया।

वि’कास दुबे के दो और साथी एनकाउं’टर में ढे’र हुए थे। पुलिस ने बताया था कि प्रभात मिश्रा पुलिस हि’रासत से भागने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद एनकाउं’टर में उसे ढे’र कर दिया गया। उसे बुधवार को फरीदाबाद से गि’रफ्तार किया गया था। इसके अलावा विकास दु’बे गैं’ग के एक और मोस्ट वां’टेड क्रि’मिनल बउवा दुबे को भी इटावा में मा’र गि’राया गया था।

कौन था वि’कास दुबे?: यूपी के कानपुर का रहने वाला वि’कास दुबे नामी बद’माश था। उस पर 30 साल में 62 आ’पराधि’क मु’कदमे दर्ज हुए थे। विकास पर यूपी में राजनाथ सिंह की सरकार में थाने में घु’सकर मंत्री की ह’त्या करने का आरो’प है।

वि’कास दुबे ने साल 2001 में राजनाथ सिंह की सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री संतोष शुक्ला की थाने में घु’सकर ह’त्या कर दी थी। इस मा’मले में पुलिस ने साल 2017 में वि’कास दुबे को गि’रफ्तार किया था लेकिन कोई गवाह नहीं मिलने के कारण वह इस मा’मले में बरी हो गया था।