15 प्वाइंट में समझें क्या है योगी सरकार का नया एंटी-लव जि’हाद कानू’न

लव जि’हाद पर जारी बह’स के बीच उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने ध’र्म परिवर्तन से जुड़ा अध्यादेश पारित कर दिया है. इस अध्यादेश में लव जि’हाद का जिक्र नहीं है लेकिन प्रावधान ऐसे हैं कि अगर कोई ध’र्म छु’पाकर या किसी लड़की का ज’बरन ध’र्मांतरण कराता है तो उसके खि’लाफ का’र्रवाई होगी.

इस अध्यादेश का नाम उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध ध’र्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश, 2020 है. आइए जानते हैं अध्यादेश के महत्वपूर्ण बिंदु-

1- ये अध्यादेश मुख्य रूप से धर्म परिवर्त’न से जुड़ा है. अगर कोई किसी भी व्यक्ति का ज’बरन या ला’लच देकर ध’र्म परिवर्त’न कराता है तो स’जा दी जाएगी. अगर सिर्फ शादी के लिए ध’र्म प’रिवर्तन कराया जाएगा तो शादी कैंसल कर दी जाएगी.

2- इस अध्यादेश को जरूर ल’व जिहा’द के खि’लाफ का’र्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है लेकिन अध्यादेश के प्रारूप में ऐसे शब्द का इस्तेमाल नहीं है. न ही किसी ध’र्म विशेष की बात अध्यादेश में की गई है. यानी ये अध्यादेश ध’र्म परिवर्त’न से जुड़े हर मा’मले में लागू होगा चाहे वो किसी भी ध’र्म से जुड़ा मा’मला हो.

3- अध्यादेश में कहा गया है कि ऐसे ध’र्म परिवर्तन को अपरा’ध माना जाएगा जो झू’ठ, जो’र-जब’रदस्ती, ला’लच या दूसरे किसी ग’लत तरीके से किया गया हो या शादी के लिए ध’र्म परि’वर्तन किया गया हो, ऐसा ध’र्म परिवर्त’न गु’नाह माना जाएगा और इस कानू’न के तहत स’जा दी जाएगी.

4- ना’बालिग और अनु’सूचित जा’ति/जनजा’ति की ल’ड़कियों और महिलाओं का ध’र्म परिवर्तन कराने पर वृ’हद दं’ड का प्रावधान तय किया गया है यानी कि ऐसे मा’मलों में क’ड़ी स’जा दी जाएगी. अक्सर ऐसे मा’मले सामने आते हैं कि किसी नाबा’लिग लड़की को बहला-फु’सलाकर खासकर शादी के लिए ध’र्म परिवर्त’न कराया गया है. अब इस तरह के मा’मलों में स’ख्त एक्शन होगा.

5- अगर कोई संगठन सामूहिक तौर पर ध’र्म परिवर्तन कराता है तो ये भी अपरा’ध माना जाएगा. ऐसे मा’मलों में संबंधित सं’गठन का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाएगा और साथ ही कठोर का’र्रवाई की जाएगी.

6- अगर कोई ये कहता है कि जब’रन या ला’लच देकर या शादी की वजह से ध’र्म परिव’र्तन नहीं कराया गया है तो ऐसे मा’मलों में ध’र्म परिवर्त’न कराने वाले व्यक्ति और ध’र्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को सबूत पेश करने होंगे. यानी स्वेच्छा से किया गया ध’र्म परिवर्त’न भी साबित करना प’ड़ेगा कि उसमें स्वेच्छा थी.

7- अगर सिर्फ शादी के लिए ध’र्म परि’वर्तन किया जाएगा तो वह मान्य नहीं होगा. ऐसे विवाह को भी शून्य माना जाएगा यानी कि कानू’न ऐसी शादी नहीं मानी जाएगी. ऐसे कुछ के’स सामने आते रहते हैं जिनमें शादी के लिए ध’र्म परिवर्तन किया जाता है, अब ऐसा करने पर शादी ही नहीं मानी जाएगी.

8- अध्यादेश में यह भी प्रावधान किया गया है कि अगर किसी को ध’र्म परिवर्तन करना है तो दो महीने पहले इसकी सूचना जिला मजिस्ट्रेट को देनी होगी. यानी ध’र्म परि’वर्तन की हर सूचना पहले प्रशासन के पास जाएगी. इसका मतलब ये हुआ कि बिना प्रशासन की अनुमति के स्वेच्छा से भी कोई ध’र्म प’रिवर्तन नहीं कर सकेगा.

9- अगर इस नियम का उल्लं’घन कर बिना मजिस्ट्रेट को बताए किसी ने भी ध’र्म परिवर्तन किया तो स’जा दी जाएगी. ऐसे मा’मलों में 6 महीने से लेकर 3 साल तक की स’जा का और आ’र्थिक दं’ड का प्रावधान होगा.

10- अपनी मर्जी से ध’र्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को 2 महीने पहले सूचना देने के अलावा सक्षम पदाधिकारी के सामने इस बात की घोषणा भी करनी होगी कि वह ध’र्म परि’वर्तन करना चाहता है या चाहती है. यानी सिर्फ लिखित सूचना देने से काम नहीं चलेगा बल्कि अधिकारी के सामने जाकर बयान देना प’ड़ेगा कि ध’र्म परिवर्तन करना चाहते हैं.

11- ध’र्म परिवर्त’न करने वाले व्यक्ति को अधिकारी के सामने यह घोषणा भी करनी होगी कि वह बिना किसी ला’लच और बह’कावे में आए ध’र्म परिवर्तन कर रहा है या कर रही है.

12- ध’र्म परिवर्तन के इच्छुक होने पर अगर जिला मजिस्ट्रेट को दो महीने पहले सूचना नहीं दी जाती है तो ऐसा करने पर 6 महीने से 3 साल तक की स’जा होगी. जबकि 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.

13- ध’र्म परिवर्तन से जुड़े इस कानू’न का उल्लं’घन करने पर कम से कम 1 साल और अधिक से अधिक 5 साल की स’जा का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा स’जा के साथ 15000 रुपये का आर्थिक दं’ड भी लगाया जाएगा.

14- ना’बालिग महिला, अनुसूचित जा’ति या अनुसूचित जनजा’ति की महिला के ध’र्म परिवर्तन के मा’मले में कम से कम 3 साल और ज्यादा से ज्यादा 10 साल तक की जेल हो सकती है. ऐसे मा’मलों में जुर्माना भी ज्यादा है. इस तरह के के’स में 25000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.

15- अगर कोई सामूहिक तौर पर धर्म परिवर्तन का दोषी पाया जाता है तो 3 से लेकर 10 साल तक की जेल होगी. जबकि जुर्माना कम से कम 50 हजार रुपये होगा. यानी सामूहिक तौर पर ज्यादा संख्या में धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में सजा और जुर्माना ज्यादा रखा गया है.