सुशील मोदी और बीजेपी में कोल्ड वार? शपथ ग्रहण के बाद शाह- नड्डा के साथ नहीं गए बीजेपी दफ्तर

बिहार में नीतीश कुमार ने सातवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। इस बार तारकिशोर प्रसाद औऱ रेणु देवी ने डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ली है। बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी को लेकर पहले से ही कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार उनकी कुर्सी जा सकती है। अब सुशील मोदी को डिप्टी सीएम नहीं बनाए जाने के बाद इस बात की खूब चर्चा हो रही है कि सुशील मोदी नाराज चल रहे हैं।

सोमवार को राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सुशील मोदी जरुर नजर आए लेकिन पार्टी की अहम बैठक में वो नदारद रहे। खास बात यह भी कि इस बैठक में खुद पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री अमित शाह मौजूद थे। राजभवन के राजेंद्र मंडप में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद सुशील मोदी समारोह खत्म होते ही चले गए।

इससे पहले जब केंद्रीय गृहमंत्री पटना एयरपोर्ट पहुंचे तब सुशील मोदी उनकी अगुवाई करने एयरपोर्ट जरुर गए थे। हालांकि इसके बाद सुशील मोदी पार्टी की किसी भी गतिविधि में नजर नहीं आए। पटना पहुंचने के बाद बीजेपी के शीर्ष नेता पार्टी कार्यालय पहुंचे लेकिन सुशील मोदी यहां नहीं गये।

इतना ही नहीं शपथ ग्रहण समारोह के बाद सभी आला नेताओं की बैठक राजकीय अतिथिशाला में देर शाम तक चली लेकिन यहां भी सुशील मोदी कहीं नजर नहीं आए। यह भी कहा जा रहा है कि इस बैठक में सुशील मोदी की नाराजगी को लेकर भी बातचीत हुई।

बहरहाल कुर्सी जाने के बाद अपनी नाराजगी को लेकर चल रही सभी अटकलों को लेकर सुशील कुमार मोदी ने पहले ही कहा था कि पार्टी का जो भी फैसला होगा वो उन्हें मंजूर होगा। इधर जब बिहार में नई सरकार शपथ ग्रहण कर रही थी उस वक्त कई ऐसे मंत्री जिन्हें नई कैबिनेट में जगह नहीं मिली वो चुपचाप राजभवन से निकलते चले गए।

पूर्व मंत्री प्रेम कुमार पैदल जब राजभवन से निकल रहे थे तब उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘मैं सालों तक मंत्री बनकर सेवा करता रहा,,,अब बिना मंत्री बने मैं सेवा करूंगा।’ मंत्री ना बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पार्टी का मामला है। उनके अलावा पूर्व मंत्री विनोद नारायण झा, विजय सिन्हा, नंद किशोर, श्रवण कुमार बिना कुछ कहे राजभवन से निकल गये।