सीएम शिवराज आज करेंगे गऊ-कैबिनेट की पहली बैठक, लाने जा रहे है ‘गाय टैक्स’

मध्य प्रदेश में गायों के संवर्धन और संरक्षण के लिए हाल ही में गठित की कई गऊ-कमेटी की बैठक रविवार यानी आज होगी. इस संबंध में प्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में गो- संरक्षण एवं गो-संवर्धन के लिए गठित गऊ-कैबिनेट की बैठक 22 नवंबर, रविवार सुबह 12 बजे भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करेंगे. इसके बाद मुख्यमंत्री आगर-मालवा जिले के सालरिया गो-अभयारण्य जाकर वहां गो-पूजन करेंगे और गो-संगोष्ठई में देशभर के गो-विशेषज्ञों के साथ चर्चा भी करेंगे.

 

बैठक में गाय उपकर लगाने पर हो सकती है चर्चा

गौरतलब है कि गऊ-कैबिनेट की पहली बैठक में गायों के संवर्धन और संरक्षण के लिए गाय सेस लगाने पर चर्चा की जा सकती है. इस कदम का उद्देश्य राज्य में 1,200 विषम गौशालाओं के रखरखाव के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराना और कम से कम 2,400 गौशालाओं के सुचारू निर्माण की सुविधा प्रदान करना है.

सरकार को गाय पालन के लिए मिल सकेगा पर्याप्त मात्रा में धन

राज्य सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि “इस (गाय सेस) के साथ, सरकार गाय पालन के लिए पर्याप्त मात्रा में धन प्राप्त करने में सक्षम होगी और हर कोई इस, पवित्र कार्य में भाग ले सकेगा.”

राज्य सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि अन्य राज्यों के अनुभवों के आधार पर वित्त विभाग और पशुपालन द्वारा तैयार एक प्रस्ताव पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा.

कितना सेस लगेगा, गो-कैबिनेट में होगा विचार

मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि गायों को पालने के लिए सेस लगाने पर गो-कैबिनेट की बैठक में विचार होगा। हालांकि अधिकारियों ने वाहनों की बिक्री, राजिस्ट्री और शराब पर सेस लगाने के विकल्प तैयार किए हैं।

गोशालाएं आत्मनिर्भर कैसे बनें, बताएंगे विशेषज्ञ

पशुपालन मंत्री प्रेमसिंह पटेल ने बताया कि आगर के गो अभयारण्य में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हाेने रविवार दोपहर 1 बजे पहुंचेंगे।

इस अवसर पर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान के गोशालाओं के संचालकों व बड़ी संस्थाओं के संचालकों को बुलाया गया है। वे बताएंगे कि गो शालाओं को कैसे आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है और सरकार को क्या कदम उठाने चाहिए। मुख्यमंत्री विशेषज्ञों के साथ सेस के विकल्पों को लेकर भी चर्चा करेंगे।