किसान आंदोलन: राकेश टिकैत का आया बड़ा बयान, हम बातचीत के लिए तैयार, सरकार 40 सदस्यों की…

किसान आं’दोलन के बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि ‘सरकार बातचीत से इस समस्या का हल निकाले। हम बातचीत के लिए तैयार हैं, किसान मोर्चा के जो 40 सं’गठनों की 40 सदस्यों की कमेटी है, उससे सरकार बात करे।’ राकेश टिकैत ने दिल्ली पुलिस का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह गन्ने के रेट का भी आं’दोलन है, तीन क़ानू’नों का भी आं’दोलन है, पूरे देश में किसानों की जहां-जहां समस्या हैं, ये आं’दोलन उसका है। पुलिस प्रशासन ने पहले हमारा जो सहयोग किया, उसी सहयोग की हम उम्मीद करते हैं।’

निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि किसानों को जिन क्लॉज पर आपत्ति है, उनके बारे में सरकार को बताए। सरकार उन पर विचार करके आवश्यक सुधार करने को तैयार है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार किसानों से बातचीत के लिए हर वक्त तैयार है। पीएम ने भी बातचीत को ऑफर को दोहराया है…बातचीत का ये ऑफर किसानों के लिए आज भी मौजूद है।

आपको बता दें कि कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्श’न जारी है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अहम फैसले में 2 फरवरी (मंगलवार) की रात को 11 बजे तक इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने का फैसला लिया है। इसके तहत मंगलवार रात 11 बजे तक टीकरी बॉर्डर, सिंघु बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर इंटरनेट सेवा बं’द रहेगी।

संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) की राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ मुलाकात पर सवाल उठाए हैं. संगठन का कहना है कि राजनेता सिर्फ धरनास्थल पर मंच के सामने बैठ सकते हैं. वे मंच पर नहीं जा सकते. संयुक्त किसान मोर्चा की रविवार शाम हुई बैठक पर भारतीय किसान यूनियन (दाकौंदा) के नेता बूटा सिंह ने कहा कि अगर राजनेता मंच से भाषण देंगे तो यह हमारे आदेशों का उल्लं’घन होगा. नेता सिर्फ मंच के सामने लोगों के बीच बैठ सकते हैं.

संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) की यह प्रतिक्रिया ऐसे वक्त आई है, जब गाजीपुर बॉर्डर (Ghazipur Border) पर नेताओं के पहुंचने की हो’ड़ लगी हुई है. सरकार भी कथित तौर पर इस आं’दोलन को विपक्षी दलों की राजनीति से जो’ड़ने की कोशिश कर रही है. यही वजह है कि किसान नेताओं ने उनकी रैलियों में राजनीतिक नेताओं के आने पर पाबं’दी लगाई हुई है. गाजीपुर बॉर्डर से ब’लपूर्वक ह’टाने को लेकर टि’कैत के भावुक होने के बाद रालोद नेता जयंत चौधरी, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर समेत कई नेता उनसे मिल चुके हैं.

किसानों के अलावा तमाम दलों के नेता टिकैत के समर्थन में पहुंच रहे हैं. आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल, राजद नेता तेजस्वी यादव, रालोद नेता अजित सिंह, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य दलों के नेताओं ने टिकैत से फोन पर बातचीत की है. यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, दिल्ली कांग्रेस नेता अल्का लांबा और हरियाणा के कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी गाजीपुर बॉर्डर पर आ चुके हैं. टिकैत का कहना है कि किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमा का सम्मान करेंगे. पीएम मोदी ने शनिवार को सर्वदलीय बैठक में कहा था कि कृषि कानू’नों को 18 माह तक स्थगित कर किसानों से चर्चा करने का सरकार का प्रस्ताव अभी भी बरकरा’र है.