श’र्मनाक विडियो : कोर्ट में बहस की दौरान हु’क्का पीते नज़र आए वरिष्ठ वकील राजीव धवन, सिब्बल भी थे मौजूद

कोरोना की वजह से इन दिन कई मा’मलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हो रही है। इस दौरान कई रोचक व हैरा’न करने वाले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मा’मला राजस्थान हाईकोर्ट में बसपा विधायकों के मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया।

हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल जब बहस कर रहे थे उसी समय सीनियर एडवोकेट राजीव धवन कैमरे के सामने पेपर रख स्मोकिंग करते नजर आए। स्मोकिंग का यह वाकया पेपर से छुप नहीं सका। कैमरे के सामने स्मोकिंग का धुंआ साफ नजर आ रहा था। मामले की सुनवाई के दौरान चार एडवोकेट ऑनलाइन दलीलें पेश करने के लिए मौजूद थे।

इससे पहले जुलाई में वकील मुकुल रोहतगी ने एक मा’मले की सुनवाई को स्थगित किए जाने की बात मानते हुए कहा था कि वह अब मौसम का मजा लेना चाहेंगे। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बीच में ही टोकते हुए हल्के अंदाज में कहा कि मैं देखना चाहता था कि मौसम का मजा लेने के लिए आपकी (रोहतगी की) टेबल पर क्या है?

वहीं, इससे पहले चीफ जस्टिस शरद अरविंद बोबडे ने एक मामले की सुनवाई के दौरान मुकुल रोहतगी से पूछा था कि क्या वे किसी म्यूजियम में बैठे हैं?, क्योंकि पीछे काफी मूर्तियां और स्टैच्यू दिखाई दे रहे हैं। इस पर रोहतगी ने मजाकिया लहजे में कहा कि वे अपने फॉर्महाउस पर बैठे हैं। अनलॉक के दौरान वे अपने फॉर्म आ गए हैं, ताकि दिन में दो बार स्विमिंग का मजा ले सकें।

हालांकि वर्चुअल कोर्ट में रोचक वाकयों के अतिरिक्त ऐसा मौका आया जब वकील को श’र्मिंदगी का सामना करना पड़ा। वर्चुअल कोर्ट में जब वकील ने एंट्री ली तो उसने नीले रंग की चेक टाइ पहन रखी थी। इस पर चीफ जस्टिस ने पूछा ये किस किस्म की टाई पहन रखी है आपने, क्या आप डिनर पार्टी में आए हैं। इस पर वकील ने कहा, सॉरी माई लॉर्ड मैं भविष्य में इस तरह की टाई पहनकर कोर्ट में नहीं आऊंगा। इस पर जज ने कहां, हां बेहतर होगा आप भविष्य में इस पहनावे के साथ कोर्ट में ना आए।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के छह विधायकों को मंगलवार को अनुमति दे दी कि वे उनके खिला’फ उच्च न्यायालय में लंबित याचिका को सर्वोच्च न्यायालय में स्थानांरित करने का अनुरोध करने वाली याचिका वापस ले लें। बसपा के टिकट पर चुनाव जीत  विधानसभा पहुंचने के बाद कांग्रेस में विलय करने वाले इन छह विधायकों को सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित करने का अनुरोध करते हुए भाजपा विधायक मदन दिलावर ने राजस्थान उच्च न्यायालय में अर्जी दी है। अर्जी में उन्होंने कहा है कि इन विधायकों ने अपनी पार्टी के व्हि’प का उल्लं’घन किया है। यह याचिका उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।