किसान आंदोलन को लेकर राहुल गाँधी का बड़ा बयान, PM मोदी को कहा- अहं’कार की कुर्सी से…

पिछले पांच दिनों से चल रहे ‘जबरदस्त किसान आंदोलन (Farmers P’rot’ests) की आंच देश में हर जगह पहुंच रही है. दिल्ली की सीमाओं पर हजारों की तादाद में किसान अपनी मांगें मनवाने और दिल्ली पहुंचने की जिद पर अ’ड़े हुए हैं. मोदी सरकार ने मंगलवार को किसानों को बातचीत के लिए बुलाया है.

इसके पहले शनिवार को भी गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) की तरफ से बातचीत का प्रस्ताव रखा गया था लेकिन उन्होंने शर्त रखी थी कि किसानों को बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड पर जाना होगा, जिसके बाद किसानों ने इससे इनकार कर दिया था. विपक्ष इस आंदोलन पर सरकार के रुख को लेकर हम’लावर बना हुआ है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) भी इसे लेकर लगातार सरकार पर हम’ला कर रहे हैं.

मंगलवार को उन्होंने एक ट्वीट में लिखा कि सरकार को अपनी अहं’कार की कुर्सी से उतरकर सोचना चाहिए और किसान को उसका अधिकार देना चाहिए. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘सैकड़ों अन्नदाता मैदानों में ध’रना दे रहे हैं, और ‘झू’ठ’ टीवी पर भाषण! किसान की मेहनत का हम सब पर क़र्ज़ है.

ये क़र्ज़ उन्हें न्याय और हक़ देकर ही उतरेगा, न कि उन्हें दु’त्कार कर, ला’ठियां मा’रकर और आं’सू गैस चलाकर. जागिए, अहं’कार की कुर्सी से उतरकर सोचिए और किसान का अधिकार दीजिए.’

इसके पहले राहुल गांधी ने अपने Speak Up India वीडियो सीरीज के तहत किसानों के आंदोलन पर बात की थी और सवाल किया था कि ‘देश का किसान काले कृषि क़ानू’नों के ख़ि’लाफ़ ठंड में, अपना घर-खेत छो’ड़कर दिल्ली तक आ पहुँचा है। सत्य और असत्य की ल’ड़ाई में आप किसके साथ खड़े हैं- अन्नदाता किसान या PM के पूँजीपति मित्र?’