पीएम मोदी के भूमि पूजन में जाने पर ब’वाल के बाद बदला प्लान, अब नहीं होगी कोई …..

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भूमि पूजन कार्यक्रम शुद्ध रूप से धार्मिक दौरा होगा. यह कार्यक्रम राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का कार्यक्रम है, जिसने प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया है. पीएम मोदी भूमि पूजन तक खुद को सीमित रखेंगे. कोई भी सरकारी घोषणा या ऐलान पीएम नहीं करेंगे. सभी सरकारी ऐलान बाद में होंगे.

बता दें कि 5 अगस्त को अयोध्या पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन करेंगे. पीएम के शेड्यूल में हनुमानगढ़ी में 7 मिनट का समय दिया गया है. इसमें प्रधानमंत्री का आना-जाना शामिल है, प्रधानमंत्री को पूजन में करीब 3 मिनट का समय लगेगा.

सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी पांच अगस्त को 11- 11:15 बजे अयोध्या पहुंचेंगे. वे यहां करीब तीन घंटे रुकेंगे. दोपहर करीब 2 बजे पीएम अयोध्या से रवाना हो जाएंगे. इस बीच हनुमानगढ़ी में तैयारियां शुरू हो गई है. एसपीजी की टीम और प्रशासनिक अधिकारी हनुमानगढ़ी पहुंच गए हैं और यहां सुरक्षा तैयारियों का जायजा ले रहे हैं.

सूत्रों के मुताबिक, राम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन में सभी धर्मों, पंथों, सनातन धर्म के शंकराचार्यों के अलावा सूफी संप्रदायों के प्रमुखों को भी आमंत्रित किया गया है. इनमें ईसाई, जैन, सिख, मुस्लिम, बौद्ध धर्म के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है. इन सभी को फोन से न्योता दिया गया है.

इस कार्यक्रम में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर फारूखी, अयोध्या के समाजसेवी पद्म श्री मोहम्मद शरीफ, बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी आमंत्रित लोगों की सूची में शामिल हैं.

भीड़ न लगाने की अपील

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर अयोध्या में 5 अगस्त को होने वाले भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान भीड़ न लगाने की अपील की थी. राज्य सरकार कोविड-19 को लेकर नियमों का पालन करते हुए इस बड़े आयोजन को संपन्न कराना चाहती है. इसीलिए मुख्यमंत्री ने भूमि पूजन के दौरान कोविड-19 और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखकर यह अपील की है.