बड़ी ख़बर: ‘मन की बात’ में कृषि बिलों पर PM मोदी ने किया बचाव, कही ये बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने दूसरे कार्यकाल में 18वीं बार ‘मन की बात’ की। इसमें पीएम मोदी ने कहा कि भारत मे खेती और उससे जुड़ी चीजों के साथ नए आयाम जुड़ रहे हैं। बीते दिनों हुए कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोले हैं। काफी विचार विमर्श के बाद भारत की संसद ने कृषि सुधारों को कानू’नी स्वरुप दिया।

इन सुधारों से ना सिर्फ किसानों के अनेक बन्धन समाप्त हुए हैं बल्कि उन्हें नए अधिकार भी मिले हैं, नए अवसर भी मिले हैं। इन अधिकारों ने बहुत ही कम समय में किसानों की परेशानियों को कम करना शुरू कर दिया है। पीएम ने कहा कि कानून में एक और बहुत बड़ी बात है इस कानून में ये प्रावधान किया गया है कि क्षेत्र के एसडीएम को एक महीने के भीतर ही किसान की शिका’यत का निप’टारा करना होगा।

पीएम ने देश की जनता से एक खुशखबरी साझा करते हुए कहा कि हर भारतीय को यह जानकर गर्व होगा कि देवी अन्नपूर्णा की एक बहुत पुरानी प्रतिमा Canada से वापस भारत आ रही है। यह प्रतिमा लगभग 100 साल पहले 1913 के करीब वाराणसी के एक मंदिर से चु’राकर देश से बाहर भेज दी गई थी।

उन्होंने कहा कि माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा की तरह ही हमारी विरासत की अनेक अनमोल धरोहरें, अंतर्राष्ट्रीय गिरोंहों का शि’कार होती रही हैं। ये गिरोह अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इन्हें बहुत ऊंची कीमत पर बेचते हैं। अब इन पर सख्ती तो लगाई ही जा रही है और इनकी वापसी के लिए भारत ने अपने प्रयास भी बढ़ाएं हैं।

मन की बात में पीएम मोदी ने डॉक्टर सलीम अली को उनकी 125वीं जयंती पर याद किया। उन्होंने कहा कि इस महीने 12 नवंबर से डॉक्टर सलीम अली का 125वां जयंती समारोह शुरू हुआ है। डॉक्टर सलीम ने पक्षियों की दुनिया में Bird watching को लेकर उल्लेखनीय कार्य किया है।

मेरी भागदौ’ड़ की ज़िन्दगी में मुझे भी पिछले दिनों केवड़िया में पक्षियों के साथ समय बिताने का बहुत ही यादगार अवसर मिला। पक्षियों के साथ बिताया हुआ समय आपको प्रकृति से भी जोड़ेगा और पर्यावरण के लिए भी प्रेरणा देगा।

अरबिंदो की पुण्यतिथि पर किया याद

“मेरे प्यारे देशवासियो, 5 दिसम्बर को श्री अरबिंदो की पुण्यतिथि है। श्री अरबिंदो को हम जितना पढ़ते हैं, उतनी ही गहराई, हमें, मिलती जाती है। मेरे युवा साथी श्री अरबिंदो को जितना जानेंगें, उतना ही अपने आप को जानेंगें, खुद को समृद्ध करेंगें।”

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alumni की बात

“मेरे युवा दोस्तो, आप तब तक ही किसी संस्थान के विद्यार्थी होते हैं जब तक आप वहाँ पढाई करते हैं, लेकिन, वहाँ के alumni, आप, जीवन-भर बने रहते हैं। School, college से निकलने के बाद दो चीजें कभी ख’त्म नहीं होती हैं – एक, आपकी शिक्षा का प्रभाव, और दूसरा, आपका, अपने school, college से लगाव। साथियो, इसके अलावा एक और बात जानने में मेरी हमेशा रूचि रहती है कि उस institution के alumni कौन हैं, उस संस्थान के अपने alumni से regular engagement की व्यवस्था है क्या? उनका alumni network कितना जीवंत है…”