बड़ी खबर: PM-CARES फंड पर सरकार ने किया ये खुलासा, पर दस्तावेजों में सामने आई ये बात

पीएम केयर्स एक सरकारी ट्रस्ट है या ये निजी ट्रस्ट है? अभी इसकी तस्वीर साफ नहीं हो सकी है। जहां कॉरपोरेट डोनेशन के लिए इसे सरकारी ट्रस्ट बताया गया है वहीं ट्रस्ट को कानू’न में कुछ जगह निजी ट्रस्ट भी बताया गया है। जिससे कि आरटीआई के तहत इसकी जानकारी न ली जा सके। दिल्ली के राजस्व विभाग के तहत इसे ट्रस्ट को पंजीकृत किया गया है। पीएम मोदी इसके अध्यक्ष हैं और बाकी मंत्री ट्रस्टी हैं। यही नहीं हाल ही में ट्रस्ट की वेबसाइट से मालूम चला है कि ये सरकारी ट्रस्ट नहीं है। वेबसाइट के मुताबिक ट्रस्ट का स्वामित्व न तो सरकार के पास है और न ही ये सरकार द्वारा नियंत्रित है। इसे किसी सरकार से फंड भी नहीं मिलते हैं और न ही किसी भी प्रकार से ट्रस्ट के कामकाज में सरकार का कोई नियंत्रण है।

पीएम-केयर्स (प्राइम मिनिस्टर सिटिजन असिस्टेंस एंड रिलीफ इन इमरजेंसी सिचुएशन फंड) की स्थापना पीएम मोदी ने इस साल मार्च महीने में की थी। उस वक्त कहा गया था “कोरोना महामा’री के चलते पैदा हुई असाधारण और आपातकालीन स्थिति से नि’पटने के लिए इस फंड की स्थापना की जा रही है।” इस फंड का ट्रस्ट के तौर पर पंजीकरण 27 मार्च को हुआ था और इसके अगले ही दिन कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने पीएम केयर्स को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी यानी सीएसआर के दायरे में शामिल किया था। जिससे कि इसमें कॉरपोरेट की मदद से फंड हासिल किए जा सकें।

गौरतलब है कि कंपनी कानून के तहत कॉरपोरेट फंड की परिभाषा है, ‘ऐसा फंड जो कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष या ऐसे ही दूसरे कोष जो कि केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा स्थापित किया गया हो, में दिया गया हो। जिसका इस्तेमाल सामाजिक आर्थिक विकास के लिए किया गया हो या दूसरे राहत कार्यों जैसे पिछड़ों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति या जनजाति के कल्याण में किया गया हो।’

बता दें कि एक्टिविस्ट अंजली भारद्वाज को आरटीआई से मालूम चला है कि सरकार ने पीएम केयर्स को केंद्र द्वारा स्थापित एक कोष बताया है। लेकिन शुरुआत से पीएम केयर्स को लेकर ऐसा दा’वा किया गया कि ये सरकार द्वारा संचालित नहीं है और इसे कॉरपोरेट फंड नहीं मिल सकते हैं।

हालांकि बाद में भी इस फंड को लेकर असमं’जस बना रहा। बाद में कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने इस फंड को कंपनी कानून के तहत शामिल किया। लगभग दो महीने तक पीएम केयर्स एक निजी कोष के रूप में रहा जिसे कॉरपोरेट फंड मिलते रहे।