सैटेलाइट इमेज से खुला’सा- डोकलाम में ची’न ने गांव बसाने के साथ 9KM लंबी सड़क भी बनाई

हाई रिजॉल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी (Satelite Imagery) का विश्लेषण किया है, जिसमें भारत से सटे भूटान की सीमाक्षेत्र में चीनी निर्माण के सबू’त छिपे हैं. सैटेलाइट इमेजरी की एनालिसिस से साफ पता चलता है कि ची’न ने डोकलाम पठार (Doklam Plateau) के पूर्वी हिस्से पर भूटानी क्षेत्र के भीतर 2 किलोमीटर की दूरी पर न केवल गांव बसाया है बल्कि ची’न ने भारतीय सीमा क्षेत्र तक पहुंच रखने वाली 9 किनोमीटर लंबी सड़क भी बनाई है.

चीनी निर्माण श्रमिकों ने डोका ला में भार’तीय से’ना की चौकी के पास अपने मौजूदा ट्रैक को बढ़ाकर जम्प्ले’री रिज तक पहुंचने की कोशिश की थी लेकिन भारतीय सै’निकों ने उसके मं’सू’बों को ना’काम कर दिया था. भारतीय सै’निकों ने सी’मा पार कर ची’नी बु’ल्डोजर्स को आगे बढ़ने से रोक दिया था.  यह इलाका सिक्किम की सी’मा और डोक’लाम के बीच पड़ता है.

तीन साल बाद, अब अलग-अलग धुरी पर काम करने वाले ची’नी निर्माण श्र’मिकों ने टो’रसा नदी के किनारे एक नई सड़क का निर्माण किया है, जो ची’न और भूटान के बीच की सी’मा से सटे दक्षिण की ओर फै’ली हुई है. यह साल 2017 में भारत-ची’न के बीच हुए डोक’लाम गति’रोध के बिन्दु से 10 किलोमीटर दूर है. यह गति’रोध तब दो महीने से ज्यादा लंबा चला था और इसका प’टाक्षेप तब हुआ था, जब अप्रैल 2018 में पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की वुहान में मुलाकात हुई थी. तब दोनों नेताओं ने डो’क’लाम में त’नाव कम करने पर सहमति जताई थी.

रणनीतिक मा’मलों के विशेषज्ञ, डॉ. ब्रह्म चेलानी कहते हैं, “चीनी सै’निकों ने 2017 के गति’रोध स्थल को भले ही अ’छूता छोड़ दिया है, जो डोक’लाम के एक कोने में स्थित है, लेकिन धीरे-धीरे ची’न ने  डोकलाम के बाकी क्षेत्र में यथास्थिति के हालात में बदलाव किया है. उनलोगों ने डोक’लाम में बिल्डिंग और रोड जैसे स्थाई निर्माण किए हैं. यहां तक कि पठार पर एक गांव बसा दिया है जो तीन साल पहले अस्तित्व में नहीं था.”

डोकलाम पठार की पूर्वी परिधि पर ची’नी सड़क और गाँव के निर्माण के स्पष्ट प्रमाण गुरुवार को तब सामने आए जब ची’न के राज्य प्रायोजित मीडिया CGTN के सीनियर प्रोड्यूसर शेन शिवेई ने एक नदी के किनारे बसाए गए गाँवों के एक साथ कई चित्र दिखाए.

उन्होंने ट्वीट किया था, ”अब, हमारे पास स्थायी रूप से नवस्थापित पंगड़ा गांव में रहने वाले लोग हैं. यह एक घाटी में है जो यादोंग देश के 35 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है. यहां स्थान दिखाने के लिए एक मानचित्र भी है.”

अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी ‘मैक्सर’ द्वारा व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए तैयार की गई सैटेलाइट इमेजरी से स्पष्ट हुआ है कि इसी साल डोकलाम क्षेत्र में ये निर्माण गतिविधियां हुई हैं, जो टोरसा नदी घाटी क्षेत्र में व्यापक सड़क-निर्माण / निर्माण गतिविधि के साथ-साथ डोकलाम क्षेत्र के पास ची’न में निर्मित होने वाले नए सै’न्य भंडारण बं’करों “के रूप में हुई है.