ओवैसी का मोदी से सवाल : धार्मिक स्थल चाहे मंदिर हो या मस्जिद, सिम्बल ऑफ़ इंडिया कैसे हो सकता है ?

अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास को लेकर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशा’ना सा’धा है. ओवैसी ने कहा कि नरेंद्र मोदी को भूमि पूजन में नहीं जाना चाहिए था. वो किसी खास मजहब के पीएम नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि पीएम ने संविधान के शपथ का उल्लं’घन किया है. हिंदुत्व की कामयाबी सेकुलरिज्म की हार है. ये हिंदू राष्ट्र की बुनियाद रखी गई है. ओवैसी ने कहा कि जहां मुसलमानों ने नमाज पढ़ी, उसके लिए सुप्रीम कोर्ट में झू’ठ बोलकर मस्जिद को शहीद किया गया.

ओवैसी ने कहा कि पीएम ने भूमि पूजन को सिंबल ऑफ इंडिया कहा है. देश का सिंबल कोई भी धा’र्मिक जगह (ना मंदिर, ना मस्जिद) नहीं हो सकती है. उन्होंने कहा कि भूमि पूजन कार्यक्रम में RSS चीफ क्यों मौजूद थे? मोहन भागवत का पैगाम मु’सल’मानों को से’केंड क्लास सिटिजन बनाने का है.

AIMIM चीफ ने कहा कि पीएम ने 15 अगस्त को आज 5 अगस्त से मिला दिया. मैं पूछना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री ने आज किसे शिकस्त दी है? ये स्वतंत्रता सेनानियों की तौहीन की गई है.

ओवैसी ने कहा कि मैं Co’mm’unal हूं पर मैं सेकुलर पार्टियों से पूछता हूं कि ये brotherhood कैसे हैं. मथुरा-काशी के सवा’ल पर मोदी को कौन रो’क सकता है? ये से’कुलर पार्टियां टांय-टांय हो जाएंगी.

बता दें कि वर्षों तक अदा’लत में मा’मला चलने के बाद 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर की नीं’व पड़ गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन किया. वहीं पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमें आपसी प्रेम-भाईचारे के संदेश से राम मंदिर की शिलाओं को जोड़ना है, जब-जब राम को माना है विकास हुआ है जब भी हम भ’टके हैं विना”श हुआ है.

रा’मदे’व बोले- 5 अगस्त ऐतिहासिक दिन

अयोध्या में भूमि पू’जन कार्य’क्र’म में 175 मेहमान शिरकत कर रहे हैं। हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचे योगगुरु रा’मदे’व ने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। मुझे विश्वास है कि राम मं’दिर के निर्माण के साथ ही भारत में रा’म राज्य स्थापित हो जाएगा।