कोरोना संकट पर बोले नितिन गडकरी का बड़ा बयान, कहा-‘स्थिति अत्यंत गं’भीर है और कोई नहीं जानता कि…’

भारत में कोरोनावायरस से स्थिति लगातार बि’गड़ती जा रही है। पिछले दो दिनों से लगातार देश में दो लाख से ज्यादा सं’क्रमण के के’स निकल रहे हैं। सबसे बु’रा हाल महाराष्ट्र का है, जहां फिलहाल 6 लाख से ज्यादा एक्टिव के’स हैं। इसे लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी ड’र जताया है।

उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस और कितना ख’तरनाक होगा और कब तक चलेगा, इसकी कोई गारं’टी नहीं है। घर के घर कोविड ग्रस्त हैं और आने वाले 15 दिन या 1 महीने में क्या होगा यह कहना मु’श्किल है।

नितिन गडकरी ने गुरुवार को नागपुर में राष्ट्रीय कैं’सर केंद्र में 100 बिस्तर के निजी कोविड-19 देखभाल केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बीजेपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस भी मौजूद थे। उन्‍होंने कहा कि लोगों को सर्वश्रेष्ठ के लिए सोचना चाहिए, लेकिन सबसे खरा’ब के लिए तैयार रहना चाहिए। इस महामा’री से नि’पटने के लिए दीर्घ’कालिक प्रबं’धों की जरूरत है।

गडकरी ने महामा’री से नि’पटने के लिए दीर्घकालिक प्रबंधों की आवश्यकता पर जो’रे देते हुए कहा, ‘स्थिति अत्यंत गं’भीर है और कोई नहीं जानता कि यह कब तक रहेगी।’ नागपुर से सांसद गडकरी ने भिलाई से अस्पतालों के लिए 40 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एम्स नागपुर में 300 बिस्तर और जो’ड़े जा रहे हैं तथा अस्पताल के लिए विशाखापत्तनम से ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है।

गडकरी ने विशाखापत्तनम के मेडिकल डिवाइसेज पार्क से एक हजार वेंटिलेटर जुटाए जाने के बारे में भी जानकारी दी जो नागपुर के अस्पतालों को उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने रेमडेसिविर की कमी के बारे में कहा कि देश में केवल चार द’वा कं’पनियों के पास ही कोविड-19 रोधी इस दवा का निर्माण करने का लाइसेंस है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बुधवार को इस दवा के निर्माण के लिए आठ और कंपनियों को अनुमति दे दी जिससे रेमडेसिविर की कमी का समाधान हो जाएगा।