राष्ट्रीय संपत्ति बेचने पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का बयान, सरकार चला नहीं…

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को देश का आम ब’जट पेश किया। कोरोना महा’मारी के बाद यह पहला बजट था। इसके चलते यह आशं’का थी कि बजट में बहुत उम्मीदें करना अच्छा नहीं होगा। बजट के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष अपनी-अपनी प्रतिक्रिया में इसके फायदे-नुक’सान दोनों पर बयान दिए। टीवी चैनलों में भी इसको लेकर ब’हस हुई।

इंडिया टीवी पर आज की बात कार्यक्रम में एंकर रजत शर्मा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से सीधे पूछा कि बजट में राष्ट्रीय संपत्ति बेचने की बात कही गई है। इस पर निर्मला सीतारमण ने कहा जब सरकार चला नहीं पा रही तो उसे रखने में क्या फायदा है। उन्होंने कहा, “नेशनल एसेट्स पब्लिक मनी लगातार जब उसमें से कुछ नहीं नि’कल रहा. ऊपर से लास में चल रहा है तो कितने साल तक आप पब्लिक टैक्स पेयर पैसों को लगातार कुएं में डा’लते जाएंगे।”

पूछा, “उसको एक भारतीय सिटिजन या ज्वाइंट वेंचर कंपनी को या भारत देश के किसी आपरेटर को सेल करके उसको चालू रखने में इकोनॉमी का फायदा है कि बंद करने से इकोनॉमी का फायदा है? और उसको अगर कोई चलाने लायक वाले लेते हैं, चलाते हैं प्रोफेशनली, उससे फायदा है कि आइडल करने में फायदा है। नुक’सानदायक चलाने वाले से सरकार ने जहां उनका स्पेशलिज्म नहीं है उनके हाथ में रखना फायदेमंद है। इस सब को भी सोचना चाहिए। एयर इंडिया का विषय बहुत क्लासिक उदाहरण है।”

इस पर एंकर रजत शर्मा ने कहा “ये आपने ठीक कहा कि जो ऐसे एसेट्स है जो फायदा नहीं दे रहे हैं, उनको बेचना है लेकिन डिसइन्वेस्टमेंट का वादा कर आपने एयर इंडिया का नाम लिया। पिछले बजट में भी आपने जिक्र किया था, कुछ हुआ नहीं।”

वित्तमंत्री ने कहा, “हुआ नहीं है मैं मानती हूं। इसलिए हुआ नहींं कि जुलाई 19 बजट के बाद धीरे-धी’रे इकानमी स्लो होने लगी, डिमांड होने कम होने लगी, लिक्विडिटी का शार्टेज था। इसको हम सही करके अक्टूबर में जिला-जिला जाकर बैंक के द्वारा लोन क्रेडिट एक्सटेंशन करने के हमारे एफर्ट्स कर रहे थे।

उस समय हमारे पाकेट में जाकर के एयरलाइन जैसे एसेट्स को सेल करना उतना आसान नहीं था। जितना पैसा मिल रहा है, उतना ही सेल करो, डेसपरेशन में सेल करो टैक्स पेयर के पैसा है। उसमें पार्लमेंट में जिम्मेदार होकर बोलना कि जितना पैसा आया, हमने ले लिया यह तो नहीं बोल सकते हैं। सही समय, मार्केट और अच्छा पैसा मिलने का जब पासिबिलिटी है तब सेल करेंगे।”