नए पैकेज का ऐलान करने वाले नीतीश के पास नहीं है पुरानों का कोई हिसाब, ये प्रोजेक्ट्स पड़े है अधूरे

बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सरग’र्मी तेज है। राज्य के मुख्यमंत्री राज्य की जनता से राज्य में नए प्रोजेक्ट चालू किये जाने को लेकर लेकर लगातार वादे कर रहे हैं। लेकिन गुजरे पांच सालों में 1.25 लाख करोड़ रुपए के पैकेज को लेकर जो वादे किये गये थे उनका क्या हुआ? इसपर पार्टी कुछ साफ-साफ बता पाने की स्थिति में नहीं लग रही। पिछले विधानसभा चुनाव के वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1.25 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का एलान किया था। लेकिन इसमें से कितने पैसे खर्च किये गये इसको लेकर अभी स्थित साफ नहीं है। हालांकि राज्य के मुखिया नीतीश कुमार राज्य में नए प्रोजेक्ट्स को लेकर लगातार नए वादे कर रहे हैं।

अगस्त 2015 में सड़कों और पूल के विकास के लिए 54,713 करोड़ रुपए जारी किये गये थे। जबकि पेट्रो और गैस प्रोजेक्ट के लिए 21,476 करोड़ रुपए जारी किये गये थे। वहीं स्किल डेवलपमेंट के लिए 1,550 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। ‘The Print’ से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि ‘सभी पैसे केंद्र के द्वारा खर्च किये गये हैं।

राज्य सरकार के पास इन पैसों की कोई विस्तृत जानकारी नहीं है। सड़क और पूल, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के द्वारा बनाया जा रहा है। पेट्रो प्रोजेक्ट्स इंडियन ऑयल के द्वारा, जबकि पावर प्रोजेक्ट, एनटीपीसी के द्वारा पूरा किया जा रहा है। यह पैसा हमारे बजट में नहीं नजर आएगा…लेकिन जिस भी काम के वादे किये गये हैं उसमें से ज्यादातर प्रोजेक्ट या तो पूरा कर लिये गये या फिर उनपर काम चल रहा है।’

राज्य के सड़क निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा कि ‘हमने सड़क और पूल के लिए मिले पैकेज को 75 भागों में बांटा है। इसमें से हमने 13 पार्ट पूरे हो गए हैं। 49 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है और बचे हुए अन्य पर जल्द काम शुरू होगा।

उन्होंने माना कि सड़कों का निर्माण एक शॉर्ट टर्म प्रोजेक्ट नहीं है। इसमें से कई प्रोजेक्ट साल 2021 और 2022 में पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए जारी किये फंड राज्य सरकार के खाते में नजर नहीं आते हैं।

अगस्त 2015 में जब पीएम मोदी ने बिहार के लिए स्पेशल पैकेज का एलान किया था तब उस वक्त नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ चुनाव में  उतरे थे और उन्होंने उस वक्त इस पीएम के इस पैकेज पर तं’ज करते हुए कहा था कि इसमें कुछ नया नहीं है।

उस वक्त एनडीए चुनाव हार गई थी तब तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि जो पैकेज पीएम ने बिहार के लिए ऐलान किया है वो जारी होगा। जब मार्च 2017 में ललन सिंह जल संसाधन मंत्रालय देख रहे थे तब उन्होंने बिहार विधानसभा में कहा था कि पीएम ने जिस पैकेज का ऐलान किया है उसमें से सिर्फ 28,117 करोड़ रुपए ही मिले हैं।

इस साल विधानसभा चुनाव से पहले अभी नीतीश कुमार ने 100 करोड़ रुपए के सड़क विकास प्रोजेक्ट का ऐलान किया है। कुछ ही दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोसी रेल महासेतु का उद्घाटन किया था। अब विपक्ष इस मुद्दे पर सवाल उठा रहा है कि साल 2015 में पीएम द्वारा जिस आर्थिक पैकेज का ऐलान किया गया था उसका क्या हुआ?

विपक्ष का कहना है कि क्या पुराने पैकेज पर चादर डाल दिया गया? कई अर्थशास्त्री भी 2015 के बिहार आर्थिक पैकेज को लेकर यह राय रखते हैं कि किस फंड के जरिए यह पैकेज दिया जा रहा है इसके बारे में साफ-साफ नहीं बताया गया था।