चीन की शह पर अब नेपाल ने भारत के लिए खडी की नयी मु’सीबत, ठो’का अब ये नया दा’वा

चालबाज ची’न के झां’से में पूरी तरह से फं’स चुका नेपाल मानने को तैयार नहीं है। ची’न के इशारे पर नेपाल हर वो काम करने के लिए तैयार है जिससे उसका भारत के साथ वि’वा’द बढ़ सकता है। ताजा माम’ला बिहार के सीतामढ़ी के भिट्ठामोड़ बॉ’र्डर का है। यहां नेपाल पुलिस ने भारत-नेपाल बॉर्डर पर भारतीय क्षेत्र में हो रहे सड़क निर्माण को रो’क दिया है।

वह 20 मीटर जमीन पर अपना दा’वा ठो’क रहा है। जिसे लेकर बा’र्डर पर इतना विवा’द बढ़ गया कि दोनों तरफ से जवा’नों का जमा’वड़ा होने लगा। हालांकि इस समय स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन त’नाव बरकरार है।

बताया जा रहा है कि सड़क का निर्माण भिठ्ठामोड़ चौक से नो मेंस लैंड तक हो रहा है, जिसपर नेपाल ने अपना दा’वा ठो’क रहा है। हालांकि पैमाइस के बाद काम शुरू करने की बात कही जा रही है। विवा’द बढ़ने की सूचना मिलने के बाद जलेश्वर नगरपालिका (नेपाल क्षेत्र) के मेयर शंकर शाही भी भिठ्ठामोड़ सीमा पर पहुंचे। उन्होंने नेपाल पुलिस के अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि अपने स्तर से बातचीत कर दो-तीन दिनों में सड़क निर्माण शुरू कराने का प्रयास करेंगे।

वहीं, सीतामढ़ी के एसपी अनिल कुमार ने कहा कि एसएसबी के अधिकारियों ने बॉर्ड’र पर बातचीत की है और प्रोटोकॉ’ल के अनुसार मा’मले का स’माधा’न निकालने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस जगह पर नेपाल ने कभी आप’त्ति नहीं जताई थी। अब जब विवा’द सामने आया है तो एक बार फिर इस जगह की नापी करवाई जाएगी और विवा’द का हल निकाल लिया जाएगा।

क्या है विवा’द

दरअसल ये मा’मला तब शुरू हुआ जब बॉर्डर की 20 मीटर जमीन पर अपना दा’वा ठो’कते हुए नेपाल पु’लिस ने भिठ्ठामोड़ मुख्य चौक से नो मेंस लैंड तक चल रहे सड़क निर्माण कार्य को रो’क दिया।

मा’मले को लेकर एसएसबी जवा’नों और नेपाल पु’लिस के बीच बातचीत भी हुई पर कोई हल नहीं निकला। भिठ्ठा ओपी प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि पहल करने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।

ची’न की श’ह पर नेपाल कर रहा है भारत वि’रो’धी काम

आपको बता दें कि चीन की श’ह पर नेपाल सरकार के भारत विरो’धी नीति के तहत सीमा क्षेत्र में भारत के खिला’फ त’नाव पैदा करने में लगा है। हाल के दिनों में सीतामढ़ी जिला क्षेत्र के नेपाल पुलिस के फाय’रिं’ग से एक व्यक्ति की मौ’त हो गई थी। इस घ’टना के बाद पूर्वी चंपारण जिले के लगे नेपाल सीमा एरिया के छौड़ादानो के पास फसल काटने, ढाका के पास लालबकेया नदी पर गोअबारी के पास तटबंध निर्माण पर रो’क लगा दी गई थी।

आपको बता दें कि नेपाल के भीतर राजनीतिक उथ’ल-पुथ’ल के हाला’त हैं। वहां के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली पर इ’स्तीफे का द’बा’व है, लेकिन इस प्रे’शर को क’म करने के लिए वे अपने सबसे निकट पड़ोसी देश भारत के साथ सीमा विवा’द को तू’ल देने में लगे हैं।