सिर्फ नाम ही नहीं मुग़ल म्यूजियम की शैली को भी देंगे भ’गवा रंग, योगी ने दिए ये फेरबदल के आदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में मुगलों की विशेष उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाले ‘मुगल म्यूजियम’ (मुगल संग्रहालय) का नाम बदल कर छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रखने का आदेश दिया है। मुगलों के दौर में हासिल की गई राजनीतिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों को कलाकृतियों के माध्यम से प्रदर्शित करने वाले इस म्यूजियम का कंसेप्ट (शैली )भी बदला जाएगा।

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक यूपी के अतिरिक्त मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने मंगलवार को बताया कि “संग्रहालय भारतीय, ब्रज संस्कृति, परंपरा और विरासत के लिए समर्पित होगा।”

म्यूजियम का नाम बदलते हुए योगी ने दा’वा किया कि उनकी सरकार हमेशा रा’ष्ट्रवा’दी विचारधारा को पोषित करती है और और ऐसी किसी भी चीज से पर’हेज किया जाएगा जिससे गुला’मी की बू आती हो। उन्होंने जोर देते हुए कहा ‘मुगल हमारे नायक कैसे हो सकते हैं।’ छत्रपति शिवाजी का नाम राष्ट्रवाद और आत्मसम्मान की भावना का संचार करेगा।

ताजमहल के पूर्वी गेट के नजदीक बन रहे मुगल संग्रहालय का काम 2016 में शुरू किया गया था। इस म्यूजियम की नींव पूर्व मुख्य मंत्री अखिलेश यादव ने राखी थी। उस दौरान इस परियोजना का हिस्सा रहे पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा “पर्यटकों को शहर के भव्य मुगल युग से परिचित करने के लिए इसे बनाया गया था। इसमें रचनात्मक रूप से तैयार की गई जगह में मुगल इतिहास और वास्तुकला को प्रदर्शित किया जाना था। सटीकता सुनिश्चित करने के लिए इतिहासकारों और विद्वानों को समिति में लाया जाना था।”

रंजन ने कहा “संग्रहालय क्या प्रदर्शित करेगा यह बदलने के निर्णय ने इतिहासकारों को आश्चर्यचकित कर दिया है।” इतिहासकार और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रोफेसर इरफान हबीब ने कहा “ताज महल के निर्माण से 150 साल पहले मुगल हिंदुस्तान में थे। आगरा में सभी स्मारक उनके द्वारा बनाए गए। शहर का इतिहास मुगलों का इतिहास है।”