बैठक से पहले महबूबा मुफ़्ती के इस बयान से मचा हंगामा, ता’लिबान से हो सकती है बात तो पाक…

जम्मू-कश्मीर के मा’मले में केंद्र सरकार की तरफ से बुलाई गई बैठक में शामिल होने के लिए गुपकार अलायंस ने भी हामी भर ली है। हालांकि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने एक बार फिर ‘पा’किस्तान राग’ अलाप दिया। उन्होंने कहा कि सरकार अगर ता’लिबान से बात कर सकती है तो पाकिस्तान से क्यों नहीं?

महबूबा मुफ्ती ने कहा, प्रधानमंत्री को पाकिस्तान के साथ बातचीत करनी चाहिए जिससे कि कश्मीर को लेकर कोई हल निकल सके और इस क्षेत्र में शांति स्थापित हो सके। हाल ही में दोहा में ता’लिबान के नेताओं से बातचीत के लिए भारतीय अधिकारियों के गुप्त दौरे को लेकर उन्होंने यह बात कही।

बता दें कि 24 जून को प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर पर बात करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इसमें गुपकार अलायंस भी शामिल होगा। फारूक अब्दल्ला के श्रीनगर स्थित आवास पर हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है। इसके अलावा कांग्रेस ने भी बैठक में शामिल होने की हामी भर दी है।

दोहा में हुई गुपचुप मुलाकात?
भारत अफगानिस्तान के बदलते हा’लात पर भी नजर बनाए हुए है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत के अधिकारियों ने गु’पचुप तरीके से दोहा में तालिबानी नेताओं से बातचीत की। कतर के विशेष दूत मुतलाक बिन मजीत ने एक वेब कॉन्फ्रेंस में इस बात का खु’लासा किया था। उन्होंने कहा था कि भविष्य में अफगानिस्तान की राजनीति में तालिबान का अहम योगदान हो सकता है। इसलिए भारत भी उनसे बातचीत कर रहा है।

अजित डोभाल को मिली है कमान!

बताया जा रहा है कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को इस बातचीत का जिम्मा दिया गया था। सरकार की ओर से इस मा’मले में अब तक कुछ नहीं कहा गया है। भारत वर्तमान में अफगानिस्तान सरकार के साथ है लेकिन अगर वहां कोई बदला’व होता है तो तालिबान भी नीति निर्धारण में आगे आ सकता है।

विदेश मंत्री जयशंकर भी इस समय खाड़ी देशों के दौरे पर हैं। मंगलवार को उन्होंने कहा था कि अफगानिस्तान में स्थायी शांति की जरूरत है। उन्होंने अ’तंकवाद के खि’लाफ भी सख्त बयान दिए। उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान में आतं’कियों के पनाहगाह को तत्काल न’ष्ट किया जाना चाहिए।