राम जन्मभूमि के बाद कृष्ण जन्मभूमि का मामला पहुंचा को’र्ट, शाही ईदगाह मस्जिद ह’टाने की मांग

थुरा में भगवान श्री कृष्ण जन्मभूमि पर दा’वे के लिए नई याचिका दाखिल हुई है. मथुरा के सिविल को’र्ट में दाखिल इस याचिका में 1968 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान और मु’स्लिम पक्ष के बीच हुए समझौ’ते को खा’रिज कर जन्म भूमि पर बनी शाही मस्जिद को ह’टाने की मांग की गई है.

यह याचिका ‘भगवान श्रीकृष्ण विराजमान’ और ‘स्थान श्रीकृष्ण जन्मभूमि’ के नाम से दाखिल की गई है. बताया गया है कि मथुरा के कटरा केशव देव की 13.37 एकड़ जमीन में से 2 बीघा जगह पर शाही ईदगाह मस्जिद ट्रस्ट गै’रकानू’नी तरीके से का’बिज़ है. उसने वहां मस्जिद बना रखी है. यहीं वह जगह है जो भगवान कृष्ण का असल जन्म स्थान है.

इतिहासकार जदु नाथ सरकार के हवाले से जगह के इतिहास का पता लगाते हुए, वादी ने कहा है कि 1669-70 में, औरं’गजेब ने कटरा केशवदेव स्थित भगवान कृष्ण के जन्म के श्री कृष्ण मंदिर को ध्व’स्त कर दिया था और एक संरचना बनाई गई थी और इसे ईदगाह मस्जिद कहा गया था. एक सौ साल बाद, मराठों ने गोवर्धन की लड़ाई जीत ली और आगरा और मथुरा के पूरे क्षेत्र के शासक बन गए.

मराठों ने मस्जिद की तथा’कथित संरचना को हटाने के बाद कटरा केशवदेव में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म स्थान का विकास और जीर्णोद्धार किया. मुक’दमे में कहा गया है कि मराठों ने आगरा और मथुरा की भूमि को नजूल भूमि घो’षित किया और 1803 में मथुरा को घेरने के बाद अंग्रेजों ने उसी तरह से भूमि का उपचार जारी रखा. 1815 में, ब्रिटिश ने 13.37 एकड़ जमीन की नीलामी की और इसे बनारस के राजापाटनी मल द्वारा खरीदा गया था, जो जमीन का मालिक बन गया.

जुलाई 1973 में, मथुरा के सिविल जज ने समझौता के आधार पर एक लंबित मुक’दमे का फैसला किया और मौजूदा संरचनाओं के किसी भी परिवर्तन पर रो’क लगा दी. अगले मित्र के माध्यम से देवता द्वा’रा दायर मुक’दमे में मस्जिद को ह’टाने और क’थित अति’क्र’मण को रोकने के लिए डि’क्री को र’द्द करने की मांग की गई है.’

भूमि को श्री कृष्ण जन्मभूमि कहा जाता है. मुकदमे में यह भी दा’वा किया गया कि देवता के साथ, जनम स्थान (जन्मभूमि) एक न्यायिक व्यक्ति है. अयोध्या के फैसले में सुप्रीम कोर्टने राम लला को एक न्यायिक व्यक्ति के रूप में स्वीकार किया था, लेकिन फैसला सुनाया था कि ‘राम जन्मभूमि’ को न्यायिक कद नहीं दिया जा सकता.

राम लला विराजमान के बाद अब श्रीकृष्ण विराजमान ने भी मथुरा की अदाल’त में एक सिविल मुक’दमा दायर किया है. इसमें 13.37 एकड़ की कृष्ण जन्मभूमि का स्वामित्व मांगा है और शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की मांग की गई है. ये विवा’द भगवान श्रीकृष्ण विराजमान, कटरा केशव देव खेवट, मौजा मथुरा बाजार शहर’ के रूप में जो अगले दोस्त रंजना अग्निहोत्री और छह अन्य भक्तों ने दाखिल किया है.

हालांकि प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 इस मा’मले के आड़े आ रहा है जिसमें विवादित राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मुक’दमे’बाजी को लेकर माल’किना हक पर मु’कदमे में छूट दी गई थी, लेकिन मथुरा काशी समेत सभी विवा’दों पर मुक’दमेबाजी से रो’क दिया था. इस ए’क्ट में कहा गया है कि 15 अगस्त, 19’47 को जो धार्मिक स्थल जिस संप्र’दाय का था वो आज, और भविष्य में, भी उसी का रहेगा.