राजस्थान सियासी घमासान पर ममता बनर्जी ने तो’ड़ी चुप्पी, मोदी सरकार पर लगाए सं’गीन आ’रोप

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को भाजपा सरकार पर आ’रोप लगाया कि वह केंद्रीय एजेंसियों एवं धन ब’ल का इस्तेमाल करके वि’पक्ष शासित राज्यों की चुनी हुई सरकारों को गि’राने के प्रयास के लिए ‘‘सा’जिश रच’’ रही है। बनर्जी ‘शहीद दिवस’ पर तृणमूल कांग्रेस की एक आनलाइन रैली को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने प’रोक्ष तौर पर भाजपा की ओर इ’शारा करते हुए घोषणा की कि पश्चिम बंगाल ‘‘बाहरी’’ नहीं बल्कि उसके अपने लोगों द्वारा शासित किया जाता रहेगा।

बनर्जी ने आ’रोप लगाया कि केंद्र ने बंगाल को संसाधनों से वं’चित किया है और कहा कि जनता राज्य के साथ किये गए अ’न्याय के लिए उसे उचित जवाब देगी। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार द्वारा बंगाल की चुनी हुई सरकार को अ’स्थिर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों और धन’ब’ल का इस्तेमाल करके एक ष’ड्यं’त्र रचा जा रहा है।

भाजपा देश की अब तक की तो’ड़फो’ड करने वाली सबसे बड़ी पार्टी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब देश कोविड-19 महामा’री से ल’ड़’ने’ में व्यस्त है, भाजपा मध्य प्रदेश के बाद राजस्थान और पश्चिम बंगाल की चुनी हुई सरकारों को अ’स्थिर करने में व्यस्त है।’’

इससे पहले, राजस्थान मामले पर हाईको’र्ट में हो रही सुनवाई पूरी हो गई है। अब कोर्ट 24 जुलाई को इस मु’द्दे पर फैसला सुनाएगा। स्पीकर के सामने होने वाली सुनवाई भी कोर्ट ने फिलहाल टाल दी है। मतलब स्पीकर बा’गी विधायकों के खिला’फ कोई कार्र’वा’ई नहीं कर सकेंगे।

राजस्थान में कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद अब सीएम ने आज ही कैबिनेट मीटिंग बुलायी है। माना जा रहा है कि इस मीटिंग में फ्लोर टेस्ट कराने को लेकर च’र्चा हो सकती है। यह मीटिंग कुछ ही देर बाद शुरू हो जाएगी।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान पायलट गुट के वकील मुकुल रोहतगी ने को’र्ट में कहा कि उन्हें स्पीकर द्वारा नो’टिस जारी करने के बाद जवाब देने के लिए ज्यादा समय नहीं दिया गया। रोहतगी ने कोर्ट में ये भी कहा है कि जिस दिन सचिन पायलट गुट के खिला’फ शिका’यत द’र्ज की गई, उसी दिन स्पीकर ने नो’टिस जारी कर दिया। साथ ही जवाब के लिए समय भी कम दिया गया। नो’टिस जारी करने का कोई कारण भी नहीं है।

बता दें कि सीएम आवास पर हुई पार्टी की मीटिंग के लिए व्हि’प जारी किया गया था। लेकिन इसके बावजूद सचिन पायलट समेत उनके समर्थक 18 विधायक इन बैठकों में शामिल नहीं हुए थे। इस पर विधानसभा स्पीकर ने बा’गी विधायकों को नो’टिस जारी कर जवाब मांगा था। इस नो’टिस के खिला’फ ही पायलट गुट हाईको’र्ट पहुंचा था। पायलट गुट का त’र्क है कि विधानसभा सत्र नहीं चल रहा है और उसी के लिए पार्टी ‘व्हि’प जारी कर सकती है।