एक सिलेंडर पर इतना पैसा रखती है सरकार, फिर भी 25 दिन में ही 125 रुपए बढ़ाए दाम

सरकार ने 25 दिन में ही गैस सिलेंडर के दाम 125 रुपए तक बढ़ा दिए हैं। बावजूद इसके कि सरकार हर सिलेंडर पर 303 रुपए अपने खाते में ले रही है। पिछले साल अप्रैल माह में सिलेंडर का बेस प्राइज 520 रुपए रखा गया था। इसे सिलेंडर के मौजूदा दाम में से घ’टाया जाए तो करीब 303 रुपए की सब्सिडी आम उपभोक्ता को मिलनी चाहिए। ऐसे में सिलेंडर 823 के बजाए 520 रुपए का ही प’ड़ता।

रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में पिछले चार दिनों में दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है। 1 मार्च से घरेलू गैस पर 25 रुपये प्रति सिलेंडर और बढ़ गए हैं। सरकार का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी के दाम बढ़े हैं। यही कारण है कि पिछले चार दिनों में रसोई गैस सिलेंडर के दाम दूसरी बार बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 25 फरवरी महीने को रसोई गैस के दामों में 25 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। एक तरफ पेट्रोल और डीजल के दामों ने जनता का हा’ल बदहा’ल कर दिया है तो अब रसोई गैस के दामों में इजाफे ने लोगों की प’रेशानी को और बढ़ा गिया है।

तेल कंपनियों ने सोमवार को घरेलू गैस का दाम 25 रुपए और कमर्शियल का दाम 95 रुपए तक बढ़ाया था। अब घरेलू गैस की कीमत 823 रुपए है जबकि कमर्शियल का दाम 1625 रुपए पहुंच गया है। कोरोना काल में सिलेंडर पर सब्सिडी बं’द कर दी गई थी। इसका आं’कलन किया जाए तो सरकार एक माह में घरेलू गैस पर मिलने वाली सब्सिडी से 3.39 अरब रुपए कमा रही है। घरेलू गैस पर 5% GST भी लगता है। इससे भी सरकार को 44 करोड़ रुपए की कमाई हर माह होती है। कमर्शियल सिलेंडर पर भी सरकार 18% सब्सिडी लेती है। यह एक सिलेंडर पर करीब 247.88 रुपए है।

GST से होने वाली कमाई राज्यों का हिस्सा आधा होता है। यानि सिलेंडर के दाम बढ़ने से राज्यों को भी फायदा है। सरकार ने हा’ल में चार बार गैस के दामों में इजाफा किया है। 4 फरवरी को 25, 14 को 50, 25 को 25 और 1 मार्च को 25 रुपए की बढ़ोतरी घरेलू गैस के दाम में की गई थी। 1 दिसंबर 2020 के आंकड़े को देखा जाए तो उस दौरान घरेलू गैस का दाम 648 रुपए था, जबकि कमर्शियल का रेट 1307 रुपए था। 15 दिसंबर को सरकार ने दामों में बढ़ोतरी की। इसके बाद घरेलू गैस 698 रुपए की हो गई। जबकि कमर्शियल गैस के दाम 1343.50 रुपए तक पहुंच गए। कमर्शियल के दामों में इजाफा दिसंबर में भी किया गया। 15 जनवरी को जहां घरेलू गैस की कीमत 698 रुपए थी, वहां कमर्शियल गैस का दाम 1550 रुपए था।