बागियों का गढ़ बनी LJP, बीजेपी से खफ़ा 9 तो JDU से 2 को थमाया टिकट

बिहार विधानसभा चुनाव में अब तक एनडीए की दो पार्टी- जदयू-भाजपा और महागठबंधन की दो पार्टी- राजद-कांग्रेस के बीच सीधी ट’क्कर मानी जा रही थी। हालांकि, लोजपा ने इस रेस में भाजपा से अलग चुनाव ल’ड़ने का ऐलान कर मु’काबले को दिलचस्प बना दिया है।

चिराग पासवान के नेतृत्व वाली पार्टी अब बिहार चुनाव में सीटें लाने के लिए कोई कसर नहीं छो’ड़ना चाहती। इसी सिलसिले में लोजपा ने भाजपा और जदयू से आ रहे बा’गियों को टिकट देना जारी रखा है। आलम यह है कि अब तक भाजपा में टिकट न मिलने से ना’राज 9 और जदयू में इसी कारण से बागी हुए 2 नेताओं को लोजपा की ओर से उम्मीदवार बनाया जा चुका है।

गौरतलब है कि लोजपा के संस्थापक दिवंगत नेता रामविलास पासवान के निधन से बिहार में पार्टी के प्रति सहानुभूति बढ़ी है। ऐसे में चिराग को इस बार चुनाव में सीटों की बढ़त बनाने का मौका मिल सकता है।

लोजपा में इसी संभावना के साथ हर बागी को टिकट दिए जा रहे हैं। बता दें कि लोजपा ने अब तक भाजपा से आए झाझा के विधायक राजेंद्र सिंह, पूर्व विधायक रामेश्वर चौरसिया, ऊषा विद्यार्थी, महिला प्रकोष्ठ की उपाध्यक्ष इंदू कश्यप और पिछली बार भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ने वाले डॉक्टर मृणाल शेखर, पार्टी की महिला मोर्चा की प्रवक्ता रहीं श्वेता सिंह के अलावा राकेश कुमार सिंह और रानी कुमार को भी टिकट दिया है।

जदयू से आए बड़े नेता व पूर्व मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा और चंद्रशेखर पासवान को भी लोजपा ने टिकट दिया है। इतना ही नहीं रालोसपा भी बागियों के जरिए सीटें बढ़ाने की कोशिश में लगी है। इसी के तहत एनडीए के दो नेताओं को पार्टी में शामिल कर टिकट बांटे गए हैं। इनमें जदयू के रणविजय सिंह को गोह से उम्मीदवार बनाया गया है। भाजपा में रहे अजय प्रताप सिंह जमुई से रालोसपा के टिकट पर चुनाव ल’ड़ेंगे।

इसके अलावा पूर्व में एनडीए के समर्थक रहे 5 निर्दलीयों को भी टिकट दिए गए हैं। अब माना जा रहा है कि कुछ अन्य पार्टियों के वे नेता, जो टिकट न मिलने से ना’राज हैं, वे भी बा’गी तेवर अपनाकर टिकट के लिए दूसरी पार्टियों का दामन थाम सकते हैं।