चौतरफा परेशानियों में घिरा लेबनान, नहीं बचा एक महीने का भी अनाज

लेबनान की राजधानी बेरूत में मंगलवार को हुए भ’या’वह ध’माके के बाद एक और बड़ी त्रा’सदी आती दिख रही है. बेरूत के बंदरगाह इलाके में हुए ध’माके  में 100 से ज्यादा लोगों की मौ’त हो चुकी है और हजारों लोग घा’यल हुए हैं. बेरूत से बाहर के इलाकों को भी द’हला देने वाले इस ध’माके के बाद हर तरफ त’बाही का मं’जर देखने को मिल रहा है. पहले से ही आर्थिक संक’ट से जू’झ रहे लेबनान पर चौतरफा मु’श्किलों का पहाड़ टूट पड़ा है.

ध’माके की वजह से बंदरगाह में बना एक विशाल अन्नागार भी ब’र्बाद हो गया है. ये खाद्य भंडार पूरे लेबनान का सबसे बड़ा भंडार था. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अब लेबनान के पास एक महीने से कम वक्त के लिए अनाज नहीं बचा है. बेरूत ध’माके की इससे बु’री टाइमिंग नहीं हो सकती थी. लेबनान के तमाम लोग पहले ही आर्थिक संक’ट की वजह से भू’खे पेट सो’ने को मजबूर हैं.

बेरूत के अन्न भंडार के ब’र्बाद होने से लेबनान में ब’ड़ा खाद्यान्न संक’ट पैदा हो सकता है. विश्लेषकों का कहना है कि लेबनान का 85 फीसदी अनाज इसी भंडार में रखा हुआ था यानी आने वाले वक्त में इस ध’माके की त’बाही बेरूत के बाहर भी महसूस की जाएगी.

वर्ल्ड विजन एनजीओ के डायरेक्टर हांस बेडरस्की ने बिजनेसइनसाइडर से कहा, बंदरगाह त’बाह हो चुका है और ये बंदरगाह आयात के रास्ते आने वाले अनाज का मुख्य जरिया था. अब ये कई हफ्तों या फिर महीनों तक बंद रहेगा. इससे ना केवल बेरूत बल्कि लेबनान के बाकी हिस्सों पर भी गं’भीर असर पड़ेगा.

लेबनान अपनी जरूरत का 80 फीसदी अनाज दूसरे देशों से आयात करता है जिसमें गेहूं सबसे ज्यादा खरीदा जाता है. पिछले महीने ही, यहां आटे की कीमत बढ़ने के बाद वि’रोध-प्र’दर्शन शुरू हुए थे.

लेबनान के वित्त मंत्री ने कहा है कि उनके देश में एक महीने से भी कम वक्त के लिए अनाज बचा है लेकिन खाद्यान्न संक’ट टालने के लिए पर्याप्त आटा है. वित्त मंत्री रॉल नेहमे ने रॉयटर्स से बताया कि मंगलवार को हुए विना’शकारी ध’माके के बाद लेबनान को कम से कम तीने महीनों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है. मंत्री ने कहा, यहां भु’खम’री संक’ट पैदा नहीं होगा.

अक्टूबर 2019 से ही यहां लोग सड़कों पर वि’रोध-प्र’दर्शन कर रहे हैं. लेबनान की सरकार के भ्र’ष्टा’चार और अव्य’वस्था की वजह से यहां की मुद्रा की हालत पस्त हो गई. एक साल से ही मां’स से लेकर ब्रेड तक खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं.

यूएन रिलीफ ऐंड वर्क एजेंसी फॉर फिलीस्तनी के प्रवक्ता तमारा अलरिफई ने कहा, “यहां आर्थिक संक’ट है, राजनीतिक संक’ट है, स्वास्थ्य संक’ट है और अब ये भया’वह ध’माका. लेबनान में जो कुछ भी हो रहा है, उसकी तमाम परतें हैं और ये सब लेबनान के लोगों के सब्र की लगातार परीक्षा ले रहा है.”

बेरूत के गवर्नर ने कहा कि ध’माके की वजह से करीब 3 लाख लोग बेघर हो गए हैं. बंदरगाह का जो इलाका ऊंची-ऊंची इमारतों और जहाजों से घिरा था, वे अब मलबे में तब्दील हो गए हैं, सड़कें दरक गई हैं और तमाम इमारतें ढह चुकी हैं.

बेरूत के गवर्नर ने अल हदत टीवी से बताया कि ध’माके से करीब 10 अरब डॉलर से 15 अरब डॉलर का नुकसान होने की आशंका है. इस आंकड़े में ध’माके से दूरगामी नु’कसान भी शामिल है. गवर्नर ने कहा कि देश में मौजूद अनाज की मात्रा बहुत सीमित है और उन्हें लगता है कि अगर अंतरराष्ट्रीय मदद ना मिली तो लेबनान एक बहुत बड़ी त्रा’सदी में फं’स सकता है.

बेरूत के मेयर जमाल इतानी ने रॉयटर्स से कहा, यहां के हालात किसी यु’द्ध के बाद के लग रहे हैं. ध’माके से हुए नु’कसान का अंदाजा लगाने के बाद कह सकता हूं कि अर’बों डॉलर्स का नुकसान हुआ है. इस मुश्किल घड़ी में दुनिया भर के देश लेबनान की मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं.