बिहार चुनाव: राजद के इतिहास में पहली बार होर्डिंग से लालू ग़ायब, क्या है ये नया चुनावी पैंतरा ?

बिहार चुनाव की तैयारियों के बीच पटना में राष्ट्रीय जनता दल का एक पोस्टर काफी सुर्खियों में है। पटना में कई जगहों पर राजद के कुछ ऐसे पोस्टर्स लगाए गए हैं जिनमें सिर्फ तेजस्वी यादव की तस्वीर है।

बीजेपी इस मु’द्दे पर राजद को घे’र रही है। लेकिन कई सियासी विशलेषकों का मानना है कि ऐसे पोस्टर्स बिहार के चुनावी बिसात में लालू प्रसाद यादव की नई चा’ल हो सकती है। सियासी पंडितों का मानना है कि ऐसा कर तेजस्वी अपने घरेलू विरो’ध को ख’त्म कर देने की कोशिश कर रहे हैं। तेजस्वी का चेहरा आगे कर पार्टी युवाओं को बड़ा संदेश देने की को’शिश में है।

दरअसल तेजस्वी यादव पार्टी के युवा चेहरे हैं। जो सियासी पोस्टर उनके चेहरे को लेकर बनाए गए हैं उसमें लिखा गया है कि ‘नई सोच नया बिहार, युवा सरकार अबकी बार..’ पोस्टर पर लिखे इन ना’रों से साफ है कि पार्टी इस बार तेजस्वी यादव के बहाने युवाओं को लुभाने की कोशिश में है।

एक चर्चा यह भी है कि पोस्टर में सिर्फ तेजस्वी यादव को दिखाने की रणनीति खुद उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने ही बनाई है। लालू प्रसाद यादव को यकीन है कि युवा तेजस्वी के चेहरे को देख बिहार के युवा निश्चित तौर से वोटिंग के वक्त तेजस्वी को याद रखेंगे।

यह भी कहा जा रहा है कि लालू प्रसाद की तस्वीरें पोस्टर में ना लगाने की सलाह खुद लालू ने ही दी है। ऐसा इसलिए ताकि वोटर्स को इस बार राजद बिल्कुल नये ते’वर और कलेवर में नजर आए। पोस्टर चाहे राजद कार्यालय में लगे हों या फिर राबड़ी देवी के आवास के सामने, सभी में तेजस्वी ही बड़े चेहरे के रूप में दिख रहे हैं।

यह तस्वीरें बताती हैं कि राजद का नया युग तेजस्वी के साथ शुरू हो चुका है और तेजस्वी ही राजद के कर्ता’धर्ता हैं। पार्टी को विश्वास है कि नए युवा चेहरे तेजस्वी को देख जनता राजद से जुड़ी पुरानी बातो ंको भूल इस विधानसभा चुनाव में नई सोच के साथ वोट डालेगी।

इससे पहले पहले राजद के जितने पोस्टर लगते थे सभी में लालू प्रसाद यादव का बड़ा चेहरा होता था। एक तरफ लालू होते थे और दूसरी तरफ राबड़ी। इतिहास में यह पहला मौका है जब पोस्टर से लालू-राबड़ी गायब हैंं। हालांकि यह बात भी है कि बिहार में बीजेपी और जेडीयू इस पोस्टर को लेकर राजद पर हमलावर है। जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह कहते हैं कि यह राजद का चाल, चरित्र और चेहरा है। जिस तरह से यूपी में अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह यादव को डंपिंग यार्ड में डाल दिया, उसी तरह से तेजस्वी भी लालू को डंपिंग यार्ड में डाल चुके हैं।