कृषि कानू’नों पर सरकार ने दिए बदलाव के संकेत, MSP को लेकर भी होगा ये फैसला ?

किसान आंदोलन को लेकर सरकार ने संकेत दिया है कि वो तीनों कृषि कानू’नों में कुछ ब’दलाव को तैयार है. किसान सं’गठनों के साथ बैठक में सरकार ने ये भी संकेत दिया कि वो एमएसपी को भी क़ानू’नी जामा पहनाने पर खुले मन से विचार कर सकती है. हालांकि किसान नेताओं ने क़ानून में बद’लाव के प्रस्ताव को नामं’ज़ूर करते हुए फिर से क़ानू’न वापस लेने की मांग की. अगली बैठक 5 दिसम्बर को होगी.

एक क़दम पीछे ह’टी है सरकार

नौ दिनों से राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसान आं’दोलन को ख’त्म करने के लिए सरकार एक क़दम पीछे ह’टी है. गुरुवार को सरकार और किसान सं’गठनों के बीच हुई बैठक में सरकार ने तीनों वि’वादित कृषि क़ानू’न में कुछ ब’दलाव पर विचार करने की बात कही. एपीएमसी क़ानू’न के तहत आने वाली मं’डियों को और सशक्त करने पर सरकार तैयार है. किसानों की एक मांग यह है कि किसानों और व्यापारियों के बीच वि’वाद का निप’टारा एसडीएम की अदालत में होने की बजाए सिविल कोर्ट में होना चाहिए. सरकार इस ब’दलाव के लिए तैयार लग रही है.

किसान चाहते हैं कि जिन व्यापारियों को प्रा’इवेट मंडियों में व्यापार करने की इजाज़त मिले उनका रजिस्ट्रेशन होना चाहिए, जबकि क़ानू’न में केवल पैन कार्ड होना अनिवार्य बनाया गया है. इन सभी बातों पर विचार करने के लिए पांच दिसम्बर को सरकार और किसान नेताओं के बीच पांचवें दौर की बातचीत होगी. सरकार को उम्मीद है कि अगली बैठक गतिरोध तो’ड़ने में निर्णायक साबित होगी.

एमएसपी को क़ानू’न के ज़रिए क़ानू’नी जामा पहनाया जाए- किसान

सरकार ने ये भी साफ़ किया कि एमएसपी यानि न्यूनतम समर्थन मूल्य पहले की तरह जारी रहेगी और उसे कैसे ज़्यादा सशक्त बनाया जाए, इसपर विचार किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक़ सरकार किसानों की इस मांग पर भी विचार करेगी कि एमएसपी को एक क़ानू’न के ज़रिए क़ानू’नी जामा पहनाया जाए. सरकार किसानों को इस बारे में लिखित आश्वासन देने पर भी राज़ी है.

हालांकि किसान सं’गठनों ने सरकार के उस प्रस्ताव को ठु’करा दिया जिसमें कृषि क़ानू’नों में बद’लाव की बात कही गई है. बैठक के बाद किसानों ने कहा कि तीनों क़ानू’नों के वापस करने से कम उन्हें कुछ भी मंज़ूर है. बैठक में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से अपील की कि सर्दी को देखते हुए वो अपना आं’दोलन वापस ले लें जिसे किसानों ने नका’रते हुए कहा कि जबतक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती हैं तबतक आं’दोलन चलता रहेगा.