किसान आं’दोलन के समर्थन में राहुल गाँधी ने कही ये बात, PM मोदी पर लगाया ये आरो’प

हाल ही में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने आं’दोलनों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर नि’शाना साधा है.

उन्होंने ट्वीट के जरिए देशवासियों से किसानों के आं’दोलन में शामिल होने की अपील भी की है. राहुल के अलावा पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra), राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) भी प्रतिक्रिया दे चुके हैं.

किसानों से चो’री बं’द करो

राहुल गांधी ने ट्विट किया ‘मोदी जी, किसानों से चो’री बं’द करो, सभी देशवासी जानते हैं कि आज भारत बं’द है. इसका सम्पूर्ण समर्थन करके हमारे अन्नदाता के सं’घर्ष को सफल बनायें.’ वहीं, प्रियंका गंधी ने सरकार पर अमीरों की थाली भ’रने के आ’रोप लगाए.

उन्होंने लिखा ‘जो किसान अपनी मेहनत से फसल उ’गाकर हमारी थालियों को भरता है, उन किसानों को भाजपा सरकार अपने अरपबति मित्रों की थैली भरने के द’बाव में भ’टका हुआ बोल रही है.’ भाई राहुल की ही तरह प्रियंका ने भी किसान आं’दोलन से जुड़ने की अपील की. उन्होंने आगे लिखा ‘ये संघर्ष आपकी थाली भरने वालों और अरबपतियों के बीच है. आइए किसानों का साथ दें.’

कई विपक्षी दलों ने दिया भारत बं’द को समर्थन

पार्टी के प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने भी बीजेपी सरकार पर नि’शाना साधा है. शेरगिल ने लिखा ‘आज भारत बं’द के लिए बीजेपी सरकार अकेली और पूरी तरह से जिम्मेदार है.’ उन्होंने लिखा ‘इस आं’दोलन को कुंभकरण सरकार के लिए अलॉर्म की तरह का काम करना चाहिए कि वे किसानों की कमाई और जीविको को बं’द नहीं कर सकते हैं.’ सरकार के खि’लाफ कई विपक्षी दल किसानों के समर्थ’न में आ गए थे. तेलंगाना राष्ट्र समिति से लेकर तृणमूल कांग्रेस और दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने भी किसानों का साथ देने का फैसला किया था.

सिद्धू ने लिखी थी कविता

बीते रविवार को कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने भी एक वीडियो मैसेज के जरिए सरकार पर नि’शाना साधा था. उन्होंने किसानों से दिल्ली चलने की अपील की थी. शायराना अंदाज के लिए मशहूर सिद्धू ने किसानों के लिए भी एक कविता पोस्ट की थी. फैज अहमद फैज की नज्म से मिलती जु’लती इस कविता में कांग्रेस नेता ने भी कहा था कि ‘दूध को भट्टी पर रखो, तो दूध का उब’लना निश्चित है. किसानों में रो’ष और आ’क्रोश जगा दो तो सरकारों, हुकुमतों, तख्तो ताज उल’टना निश्चित है.’