‘मवाली’ कहने पर केंद्र सरकार को राकेश टिकैत ने दिया करारा जवाब, बोले- शेर दुबक गया, बैठ गया लेकिन…

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानू’नों के विरो’ध में किसान बीते कई महीनों से दिल्ली के बॉर्डर पर ड’टे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, वह आंदोलन ख’त्म करने वाले नहीं हैं। वहीं बीते दिन किसान नेता राकेश टिकैत ने आज तक को अपना इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार की तुलना शेर से की। हालांकि उन्होंने किसानों को सतर्क रहने के लिए भी कहा और सरकार पर तंज क’सते हुए कहा कि वह कभी भी कोई भी चाल चल सकता है। इसके अलावा राकेश टिकैत ने मवाली कहे जाने पर भी जवाब दिया।

इंटरव्यू में राकेश टिकैत से सवाल किया गया कि पहले आप लोगों को बवाली कहा जाता था कि आप लोग बवाल करते हैं। अब आपको मवाली कहा जा रहा है। इसका जवाब देते हुए राकेश टिकैत ने कहा, “ये दिल्ली के लोग हैं, चमचमाती कोठियों में रहने वाले लोग हैं। ये जमीन पर नहीं रहते तो उन्हें तो ऐसे ही दिखते हैं।”

राकेश टिकैत ने मीनाक्षी लेखी द्वारा ‘मवाली’ कहे जाने पर रि’एक्शन देते हुए आगे कहा, “हमारे घर तो बां’स के बने हुए हैं, तो उनके लिए तो हम मवा’ली ही होंगे। हमने यह पहले ही कहा था कि इन्होंने किसी के कहने से बयान दिया है। ये अपने दिमाग से काम नहीं करते, इनका दिमाग हैक किया हुआ है।”

वहीं जब राकेश टिकैत से सवाल किया गया कि क्या सरकार थोड़ी नर्म प’ड़ रही है, क्योंकि सुबह बयान आया और शाम तक माफी मांग ली गई? इसके जवाब में किसान नेता ने कहा, “सरकार की चाशनी बहुत मीठी है, लेकिन कोई न कोई चाल जरूर चलेगी।”

राकेश टिकैत ने बयान में केंद्र सरकार की तुलना शेर से की और कहा, “अगर शेर बैठ गया है तो हिरण को यह नहीं सोचना चाहिए कि वह डर गया। बल्कि वह दां’व लगा रहा है, क्योंकि अगर बैठ गया तो बच के रहना वह दांव जरूर मा’रेगा। दिल्ली का शेर अभी चुप है, कोई न कोई हरकत जरूर करेगा।”

राकेश टिकैत ने ग्रामीणों को सतर्क करते हुए कहा, “गांव के लोग तैयार रहें, शेर अभी दुबक गया है लेकिन ड’रा नहीं है। न वो हारा है और न थका है। डीजल यह कितना भी महंगा कर दें, ट्रैक्टर भरकर ख’ड़े रहेंगे।”