कंगना ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका, BMC पर ठोका इतने करोड़ मुआवजे का दा’वा

बॉम्बे हा’ईको’र्ट में अभिनेत्री कंगना रनौत ने आज संशोधित या’चिका दाखिल किया. या’चिका में कहा गया है कि बीएमसी की कार्र’वाई से कंगना के घर (ऑफिस) में 40 फीसदी नु’कसान हुआ है. साथ ही BMC से दो करोड़ रुपये की भरपाई की मांग की है.

उपनगरीय इलाके बांद्रा स्थित रनौत के बंगले में बीएमसी ने 9 सितंबर को क’थित अ’वैध निर्माण को तो’ड़ा था, जिसके खिला’फ अभिनेत्री ने हाई को’र्ट का दरवाजा खटखटाया था. तब जस्टिस एसजे कठवल्ला की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने बीएमसी की कार्र’वाई पर यह कहते हुए रो’क लगा दी थी कि यह ‘दुर्भा’वनापू’र्ण’ प्रतीत होती है.

कंगना रनौत ने अपनी संशोधित या’चिका में आ’रोप लगाया कि महाराष्ट्र सर’कार के खिला’फ की गई उनकी टिप्प’णियों के परिणामस्वरूप बीए’मसी ने तो’ड़फो’ड़ की कार्र’वाई का फैसला किया.

इसके मुताबिक, हाल ही में अभिनेत्री की महाराष्ट्र सरकार से त’नातनी चल रही थी क्योंकि उन्होंने राज्य सरकार से संबंधित कुछ मुद्दों से निपटने को लेकर की गई कार्र’वाई पर अपने विचार व्यक्त किए थे, जिनका आम जनता पर प्रभाव पड़ता है.

या’चिका में यह भी दलील दी गई कि रनौत ने बंगले में ढांचागत मरम्मत के लिए बीएमसी से अनुमति मांगी थी और वर्ष 2018 में यह अनुमति प्रदान भी की गई थी.

या’चिका में अदाल’त से बीएमसी की कार्र’वाई को अ’वैध घोषित करने और ‘संबंधित अधि’कारियों’ से नु’कसान की भर’पाई के बतौर दो करोड़ रुपये का मुआवजा देने का अनुरोध किया गया है. मा’मले की अगली सुनवाई 22 सितंबर के लिए निर्धारित की गई है.

रनौत ने अपनी संशोधित या’चिका में आ’रोप लगाया कि महाराष्ट्र सर’कार के खिला’फ की गई उनकी टिप्प’णियों के परिणामस्वरूप बीएमसी ने तो’ड़फो’ड़ की कार्र’वाई का फैसला किया। इसके मुताबिक, हाल ही में अभिनेत्री की महाराष्ट्र सरकार से त’नातनी चल रही थी क्योंकि उन्होंने राज्य सरकार से संबंधित कुछ मुद्दों से निपटने को लेकर की गई कार्र’वाई पर अपने विचार व्यक्त किए थे, जिनका आम जनता पर प्रभाव पड़ता है।

संशोधित या’चिका के मुताबिक, ‘उनके विचारों ने कुछ खास पक्षों को ना’खुश किया और एक विशेष राजनीतिक दल की ना’रा’जगी का कारण बना जोकि महाराष्ट्र सरकार का हिस्सा है।’ इसके मुताबिक, यही दल बीएमसी में भी स’त्ता’रूढ़ है। हालांकि, इसमें शि’वसे’ना का नाम नहीं लिया गया। या’चिका में यह भी द’ली’ल दी गई कि रनौत ने बंगले में ढां’चागत मर’म्मत के लिए बीएमसी से अनुमति मांगी थी और वर्ष 2018 में यह अनुमति प्रदान भी की गई थी।

या’चिका में अदाल’त से बीएमसी की कार्र’वाई को अ’वैध घोषित करने और संबंधित अधिकारियों से नुकसा’न की भरपाई के बतौ’र दो करोड़ रुपये का मुआवजा देने का अनुरो’ध किया गया है। मा’मले की अगली सुनवाई 22 सितंबर के लिए निर्धा’रित की गई है।