जहांगीर पुरी हिंसा: बिना इजाजत निकाला गया था हनुमान जयंती पर जुलूस, बजरंग दल और वीएचपी के नेताओं पर मामला दर्ज

हनुमान जयंती पर शोभायात्रा निकालने वाले बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद के नेताओं पर दिल्ली पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने दोनों हिंदू संगठनों के उन नेताओं पर केस दर्ज कर दिया है जिन्होंने शोभा यात्रा निकाली थी।

डीसीपी ऊषा रंगनानी का कहना है कि विहिप नेता प्रेम शर्मा को अरेस्ट भी कर लिया गया है। वो विहिप के जिला सेवा प्रमुख हैं। पुलिस का कहना है कि अन्य की तलाश में लगातार रेड की जा रही है।

पुलिस उपायुक्त (उत्तर पश्चिमी) ऊषा रंगनानी ने बताया कि शहर के हिंसा प्रभावित उत्तर-पश्चिमी इलाके में शांति बनाए रखने के लिए सोमवार को जहांगीरपुरी थाने में एक बैठक की गई।

अमन कमेटी की बैठक में सभी सदस्यों से अपने-अपने समुदायों में शांति एवं सद्भाव बनाए रखने की अपील करने को कहा गया। उनसे कहा गया कि वो कोई भी अफवाह या गलत सूचना न फैलने दें। ऐसा होने पर पुलिस को तत्काल सूचना दें।

जहांगीरपुरी इलाके में शनिवार को हनुमान जयंती शोभायात्रा के दौरान झड़प हुई थी, जिसमें नौ पुलिसकर्मी और एक नागरिक घायल हो गया था। पुलिस का कहना है कि शाम करीब सवा 4 बजे हनुमान जयंती के मौके पर शोभायात्रा निकाली गई थी। 6 बजे के आसपास जुलूस पर पथराव हुआ।

दिल्ली के पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने कहा कि इस मामले में दोनों समुदायों के 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि हिंसक झड़पों में शामिल लोगों को वर्ग, पंथ या धर्म के आधार पर बख्शा नहीं जाएगा।

एक सवाल के जवाब में उनका कहना था कि शोभायात्रा के दौरान मस्जिद में भगवा झंडा फहराने का कोई प्रयास नहीं किया गया था। इस मामले में आरोप लगा है कि कुछ लोगों ने जहांगीरपुरी में एक मस्जिद पर झंडा फहराने की कोशिश की। उसके बाद पथराव हुआ।

हालांकि अभी भी मामला शांत नहीं हो सका है। रविवार को जहांगीरपुरी थाने के बाहर दोनों समुदायों की महिलाओं ने जमकर नारेबाजी की। एक तरफ से जय श्रीराम के नारे लगे तो दूसरी तरफ से अल्लाह हु अकबर सुनाई दिया। सोमवार को भी पथराव की घटना सामने आई।