भ’गोड़े विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर सरकार ने कही ये बड़ी बात

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि एक “गो’पनीय का’नूनी मुद्दे” के तहत भ’गोड़े विजय माल्या के प्रत्यर्पण में बा’धा आ रही है. बता दें कि माल्या भारत में हजारों करोड़ रुपये के क’र्ज का डि’फॉल्टर होने के चलते वां’छित है. मंत्रालय ने बताया कि ब्रिटिश अधिकारियों के साथ बातचीत जारी है.

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, “हमें बताया गया है कि एक गो’पनीय का’नूनी मु’द्दा है जिस पर कार्य’वाही चल रही है. जिसके बाद विजय माल्या को भारत को सौंपा जा सकता है. हमें किसी विशेष समयरेखा का संकेत नहीं दिया गया है और हम इस मा’मले पर बातचीत जारी रखना चाहते हैं.”

गौरतलब है कि विजय माल्या, 9,000 करोड़ के कर्ज का डिफॉल्टर है. वह मार्च 2016 से यूनाइटेड किंगडम में है और भारत को अपने प्रत्यर्पण के खिला’फ ल’ड़ाई ल’ड़ रहा है.

64 वर्षीय माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश एक ब्रिटिश अ’दालत ने मई में दिया था, लेकिन देश में शुरू की गई “गु’प्त कार्य’वाही” में देरी हुई है.

विजय माल्या, जो अपने ऊपर लगे आ’रोपों से इनकार करता है, ने बार-बार कहा है कि भारतीय बैंक उस पर बकाया मूल राशि को 100 प्रतिशत वापस ले सकते हैं.

सुप्रीम को’र्ट में किंगफिशर एयरलाइंस के ब’काए की रिकवरी के लिए कंपनी को बंद करने पर रोक लगाने के आदेश के खिला’फ आए फैसले को चु’नौ’ती दी गई थी.

को’र्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस यू यू ललित की खंडपीठ ने कंपनी को राहत देने से इनकार कर दिया. वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी (Mukul Rohatgi) ने एसबीआई (SBI) की अगुवाई में बैंको के कंसोर्टियम का प्रतिनिधित्व करते हुए को’र्ट को सूचित किया कि फरार माल्या से करीब 3,600 करोड़ रुपयों की वसूली हो चुकी है लेकिन अभी 11 हजार करोड़ की वसूली बाकी है.

रोहतगी ने दा’वा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) को कंपनी की संपत्तियों को कुर्क नहीं करना चाहिए था क्योंकि ये एनक्मबर्ड संपत्तियां ((Encumbered Assets)) थीं और इस तरह बैंकों का संपत्तियों पर पहला दा’वा था.

गौरतलब है कि फरवरी 2018 में कर्नाटक हाई को’र्ट के आदेश के अनुसार यूबीएचएल का अपने लेनदारों का कुल बकाया लगभग 7,000 करोड़ रुपये है.