मीडिया लेकर गेमप्लान के तहत चाय-नाश्ता लाए थे हरिवंश: निलंबित सांसद का आ’रोप

राज्य सभा में किसान बिल का विरो’ध करते हुए हंगामा करने वाले विप’क्ष के 8 निलं’बित सांसदों ने रात संसद के बाहर घास के मैदान में ध’रना देते हुए बिताई। पश्चिम बंगाल, केरल और दिल्ली में एक दूसरे के विरो’धी और वैचारिक रूप से बिलकुल अलग इन सांसदों ने अपने निलं’बन के खिला’फ धर’ना देते हुए महात्मा गांधी की मूर्ति के बगल में रात गुजारी।

निलं’बित सांसद – कांग्रेस के राजीव सातव, सैयद नसीर हुसैन और रिपुन बोरा, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह और सीपीआईएम के केके रागेश और एलाराम करीम – ने एक शांतिपूर्ण रात बिताई, लेकिन वे लोग थोड़ी देर के लिए भी सो नहीं सके। रागेश ने कहा कि “हम मु’श्किल से दो-ढाई घंटे के लिए ही सो पाये। ओ’ब्रायन जैसे कुछ सांसदों ने कपड़े बदले और टी-शर्ट और ट्रैक पैंट पहन लिया ताकि रात को थोड़ा और आरामदायक बनाया जा सके।

सभी आठों सांसद लगभग 3 बजे तक जागते रहे। इस दौरान वे गाना गा रहे थे, कुछ राजनीति पर च’र्चा कर रहे थे वहीं कुछ सोश’ल मीडिया पर लगे हुए थे। डोला सेन ने बताया कि रात को सबसे ज्यादा परे’शान मच्छरों ने किया। हुसैन ने कहा “हम सभी 2.30 से 3 बजे तक जाग रहे, इस दौरान राजनीति पर च’र्चा हो रही थी, वहीं कुछ लोग वीडियो भेज रहे थे। हम लगभग ढाई घंटे सोए और सुबह 5.30 बजे उठ गए। इसके बाद हमने संसद परिसर के अंदर मॉर्निंग वॉक की।” उन्होंने कहा कि मच्छरों को छोड़कर यह एक शांतिपूर्ण रात थी।

सुबह निलं’बित सांसद के लिए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश चाय और नाश्ता लेकर पहुंचे। लेकिन सांसदों ने इसे ठु’करा दिया। हुसैन ने कहा कि उनमें से किसी ने भी उप सभापति द्वारा लाई गई चाय या नाश्ता नहीं किया। रागेश ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया “उन्होंने हमें बताया कि वे व्यक्तिगत तौर पर हमसे मिलने आए हैं।

यहां आने के लिए उन्होंनेआधिकारिक वाहन का उपयोग भी नहीं किया। हालांकि वह मीडिया के साथ आए थे, हमने शुरू में सोचा था कि वह व्यक्तिगत तौर पर आए हैं। लेकिन बाद में जब प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर चाय लाने के लिए उनकी प्रशंसा की, तो हमें उनका खेल समझ में आ गया।”

रागेश ने कहा कि हमें उनका गेमप्लान समझ आ गया कि यह सब बिहार के लिए किया जा रहा था। उन्हें महसूस हुआ की बिहार में लोग उन्हें नकार रहे हैं।