उद्धव सरकार पर बरसे पूर्व सीएम फडणवीस, कहा महाराष्ट्र को बना दिया कोरोना कैपिटल

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में को’विड-19 (COVID-19) के बढ़ते मा’मलों और इसके कारण होने वाली मौ’तों का हवाला देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने शनिवार को राज्य को देश की ‘को’विड राजधानी’ क’रार दिया. उन्होंने को’रोना’वायरस (Cor’onavir’us) के प्रसार की रो’कथाम और मृ’त्यु दर को नियं’त्रण में लाने के लिए परी’क्षण में वृद्धि करने की आवश्यकता पर जोर दिया.’

पत्रकारों के लिए स्थापित कोविड देखभाल केंद्र का उद्घाटन करने के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘हम कोई आ’रोप नहीं लगा रहे हैं. हम राजनीति करने की बजाय को’रोनावाय’रस के प्रसार को का’बू करने में अधिक रुचि रखते हैं. मैं मांग कर रहा हूं कि राज्य में परीक्षण की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘एंटीजन टेस्ट करना अच्छा है लेकिन आरटी-पीसीआर परीक्षण की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए.’ फडणवीस ने कहा, ‘महाराष्ट्र देश की कोविड-19 राजधानी बन गया है क्योंकि देश के कुल मामलों के 24 फीसदी मामले राज्य में हैं. देश में हुई कुल मौ’तों में से 41 फीसदी मौ’त महाराष्ट्र में हुई हैं.’

पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट के जरिये बताया कि छह अगस्त को किए गए कुल 78,711 कोविड परीक्षणों में से, 50,421 एंटीजन टेस्ट (64 फीसद) थे और केवल 27,440 आरटी-पीसीआर (34 फीसद) द्वारा किए गए थे, जबकि 850 परीक्षण अन्य तरीकों का उपयोग करके किए गए थे। उन्होंने कहा कि एंटीजन परीक्षण की 65 प्रतिशत वि’फलता दर के कारण, आरटी-पीसीआर को परीक्षण के लिए सबसे उत्‍तम तरीका माना जाता है।

महाराष्ट्र में 54,000 से अधिक आरटी-पीसीआर परीक्षण क्षमता है और हमें इसका पूर्ण उपयोग करना चाहिए।हमारी कोविड-19 की रोकथाम रणनीति को केवल डेटा प्रबंधन के बजाय अधिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। फडणवीस ने कहा कि मेरा निवेदन है कि इस रणनीति पर पुनर्विचार करना चाहिये। भाजपा नेता ने सिंधुदुर्ग जिले के कासल-पाडवे में एसएसपीएम मेडिकल कॉलेज और लाइफटाइम अस्पताल में कोविड-19 केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि कि मुझे खुशी है कि अब कोंकण में आरटी-पीसीआर परीक्षण सुविधा उपलब्ध है।

वहीं, महाराष्ट्र सरकार ने बांबे हाई कोर्ट से कहा था कि कोविड-19 महामा’री को देखते हुए पर्युषण पर्व के मौके पर श्रद्धालुओं के लिए जैन मंदिरों को खोलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। राज्य सरकार ने कहा कि जैन समुदाय के आग्रह पर 15 से 23 अगस्त तक मंदिर खोलने से वायरस के फैलने का गं’भीर खत’रा पैदा हो सकता है।

राज्य की वकील पूर्णिमा कंताहरिआ ने जस्टिस एसजे कथावाला और माधव जामदार की पीठ के सामने लिखित जवाब पेश किया। वकील ने कहा कि राज्य ने मंदिरों को नहीं खोलने का फैसला लिया है, क्योंकि इससे कोरो’ना वाय’रस के और फैलने का खत’रा पैदा हो सकता है। वा’यरस के फैलने से मौ’तें हो सकती हैं।