दिग्विजय ने साधे एक तीर से दो निशाने :अटल जी श्रद्धांजलि देते हुए मोदी सरकार पर कसा ऐसा तं’ज़

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और दिवंगत भाजपा नेता अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के एक दिन बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और क’थित तौर पर भाजपा नेताओं पर निशा’ना सा’धा है। उन्होंने सोमवार (17 अगस्त, 2020) को ट्वीट कर कहा कि ‘अटल जी लोकतंत्र में विश्वास करते थे। सं’घ (RSS) में रहते हुए भी वे नेहरूवादी थे। उनको सादर नमन।’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि ‘मोदी शाह जी कहां आप की सोच और कहां अटल जी की सोच। ठीक वि’परीत। वे लोकतंत्र के पुजारी थे, आप देश को एकतंत्र की ओर ले जा रहे हैं।’

ट्वीट के साथ उन्होंने पूर्व पीएम अटल का एक पुराना वीडियो भी शेयर किया है। वीडियो में वो कहते नजर आते हैं, ‘देश को स्थाई सरकार भी चाहिए और देश को जवाबदेह सरकार भी चाहिए। अगर सराकर स्थाई है मगर भ्र’ष्ट है। अगर सदस्यों (सांसदों) को ख’रीदकर बहुमत बनाती है। या अन्य तरह के ला’लच देकर उनका समर्थन प्राप्त करती है… तो सं’ख्या स्थायित्व नहीं होगा…

लोकतंत्र चलेगा तो किसी नैतिक आधार पर चलेगा।’हालांकि मध्य प्रदेश के सीएम रहे दिग्विजय सिंह अपने ट्वीट के बाद सोशल मीडिया यू’जर्स के निशा’ने पर आ गए हैं। ट्विटर यूजर राम सिंह @RAMSINHZALA14 लिखते हैं, ‘नेहरूवादी नहीं थे।

कांग्रेस की सोनिया गांधी की गल’त सोच के हिसाब से देश ने अटलजी जैसे नेतृत्व को खो’या और एक भ्र’ष्ट सरकार को पाया। जिसने देश के हित को हटा के सिर्फ भ्र’ष्टा’चार किया और हिन्दू ध’र्म और भारत देश को नु’कसान पहुंचाया। बंदर के हाथ तल’वार लग गई।’ श्रीवास्त @SRIMAN_08 लिखते हैं, ‘झू’ठ… नेहरूवादी होते तो शशि थरूर और तुम्हारे जैसे होते।

उनकी भी एक एडवीना होती।’इसी तरह एक यूजर @theindiansss लिखते हैं, ‘किसने कहा, नेहरूवादी थे।’ मनोज @ManojSi33364852 लिखते हैं, ‘मोदी भी चुनाव जीतकर और बहुमत मिलने के बाद प्रधानमंत्री बने हैं। कोई जबरदस्ती थोड़ी बैठ गए कुर्सी पर।’ इस ट्वीट के जवाब में एक यूजर लिखते हैं, ‘मध्य प्रदेश, गोवा, मणिपुर, और कर्नाटक में कैसे बैठे कुर्सी पर ये भी बता दो भैया जी।’