पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डीन जोन्स का मुंबई में नि’धन, क्रिकेट जगत सद’मे में

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर डीन जोन्स का दिल का दौरा पड़ने से मुंबई में निधन हो गया है। उनकी उम्र 59 साल थी। जोन्स ने इंटरनैशनल क्रिकेट में डेब्यू 1984 में किया था। उन्होंने अपने करियर में कुल 52 टेस्ट और 164 वनडे इंटरनैशनल मैच खेले। जोन्स अपनी कमेंटरी के लिए बहुत मशहूर रहे हैं। उनके निधन की खबर से क्रिकेट जगत सन्न रह गया है। निधन के समय वह मुंबई में थे और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन के ब्रॉडकास्ट से जुड़े हुए थे। जोन्स के नि’धन पर तमाम दिग्गज क्रिकेटरों ने शोक जताया है।

उन्होंने 52 टेस्ट मैचों में 46.55 की औसत से 3,631 रन बनाए, जिसमें उन्होंने 11 शतक और 14 अर्थशतक लगाए। उन्होंने 164 वनडे इंटरनैशन मैचों में 6,068 रन बनाए। उन्होंने वनडे में 7 शतक और 46 अर्धशतक लगाए और उनका औसत 44.61 रहा। अपने समय के सबसे अच्छे वनडे खिलाड़ियों में उनकी गिनती होती थी।

डीन जोन्स आईपीएल ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर कमेंट्री पैनल का हिस्सा थे और इसी वजह से मुंबई में थे। डीन जोन्स ने अपने करियर में टेस्‍ट क्रिकेट में दो दोहरे शतक जड़े थे, जिसमें भारत के खिलाफ चेन्‍नई (तब का मद्रास) में साल 1986 में खेली गई 210 रन की पारी शामिल है।

जोंस ने 30 जनवरी 1984 को एडिलेड में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे में पदार्पण किया था जबकि उन्होंने इसी साल 16 मार्च को पोर्ट ऑफ स्पेन में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। उनका अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर करीब आठ साल का रहा और उन्होंने आखिरी टेस्ट श्रीलंका के खिलाफ सितंबर 1992 में खेला। जोंस ने आखिरी वनडे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ छह अप्रैल 1994 को खेला था।

जोन्स सोशल मीडिया पर भी खासे एक्टिव रहते थे। एक शानदार बल्लेबाज होने के साथ-साथ वह बेहतरीन क्रिकेट एक्सपर्ट भी थे। दुनियाभर की क्रिकेट टीमों और खिलाड़ियों पर वह अपनी राय देते रहते थे।

स्टार स्पोर्ट्स ने विज्ञप्ति में कहा, ”बेहद दुख के साथ हम डीन मर्विन जोन्स एएम के निधन की खबर साझा कर रहे हैं। दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।” उन्होंने कहा, ”हम उनके परिवार के प्रति संवेदना जाहिर करते हैं और इस मुश्किल समय में उनके सहयोग के लिए तैयार हैं। जरूरी इंतजाम करने के लिए हम ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग के संपर्क में हैं।”

विज्ञप्ति में कहा गया, ”डीन जोन्स खेल के महान दूतों में से एक थे और वह दक्षिण एशिया में क्रिकेट के विकास से जुड़े रहे। वह नई प्रतिभा को खोजने और युवा क्रिकेटरों को तराशने को लेकर जुनूनी थे।” प्रसारणकर्ता ने कहा, ”वह चैंपियन कमेंटेटर थे जिनकी मौजूदगी और खेल को पेश करने का तरीका हमेशा प्रशंसकों को खुशी देता था। स्टार और दुनियाभर में उनके लाखों प्रशंसकों को उनकी कमी खलेगी। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके परिवार और मित्रों के साथ हैं।”