DDC चुनाव रिजल्ट: कश्मीर में हुआ BJP का स’फ़ाया, गुपकार गठबंधन की बड़ी जीत

DDC Election के नतीजे आ चुके हैं और एक बार फिर ये साबित हो गया है कि जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-नेशनल कांफ्रेंस का अभी भी दबद’बा क़ायम है. इस चुनाव में गुपकार गठबंधन को कुल 112 सीटें मिली हैं जबकि भाजपा को 74 सीटों से संतोष करना प’ड़ा है. इसके अतिरिक्त कांग्रेस को भी 26 सीटों पर जीत मिली है. 49 निर्दलीय भी चु’नाव जीत के आये हैं वहीँ सीपीआईएम को भी पाँच सीटों पर जीत हासिल हुई है.

इन नतीजों से साफ़ है कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा कोई बहुत अच्छा प्रदर्श’न नहीं कर सकी है. उसको जो भी सीटें मिली हैं उनमें अधिकतर जम्मू क्षेत्र से हैं जबकि कश्मीर घाटी में उसका लगभग सफ़ाया हो गया. पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उन्हें अपनी पार्टी के युवा नेता की जीत पर गर्व है.

महबूबा ने ट्वीट किया,”पीडीपी उम्मीदवार पारा वहीद के अपने पहले ही चु’नाव में वो’टों के बड़े अंतर से जीतने पर गर्व है. नामांकन दाखिल करने के बाद नि’राधार आरो’पों में गि’रफ्तार होने के बावजूद लोगों ने वहीद के प्रति अपना प्यार और विश्वास दिखाया.” राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 25 नवंबर को पारा को गि’रफ्तार किया था. पारा ने गुपकर उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया था.

जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव में पीडीपी ने पुल’वामा जिले से सात सीटों पर जीत हासिल की. वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में चार सीट, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 2 और भाजपा ने एक सीट जीती है. जम्मू और कश्मीर के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में ईदगाह श्रीनगर से पीडीपी के रेहान परवेज जीते. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने चुनाव नतीजों और रुझानों के ट्रेंड पर कहा कि बीजेपी ने इस चु’नाव को अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था लेकिन जनता ने उन्हें जवाब दे दिया है.

उन्होंने ट्वीट किया, “जम्मू-कश्मीर में डीडीसी चु’नावों में जो रुझान सामने आए हैं, वह @JKPAGD के लिए बहुत उत्साहजनक हैं. बीजेपी ने इस चुनाव को आर्टिकल 370 और जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति के बारे में एक प्रतिष्ठा का मु’द्दा बना दिया था. लोगों ने अपना फैसला सुना दिया है और यह उन लोगों के लिए है जो लोकतंत्र में भरोसे की बात करते हैं, उन्हें इन आवाजों पर ध्यान देना चाहिए. ”

एक और ट्अवीट में अब्दुल्ला ने लिखा है, “गुपकर गठबंधन @JKPAGD में हम सभी इस महत्वपूर्ण मोड़ पर जम्मू-कश्मीर के लोगों से प्राप्त जनसमर्थन के ऋणी और आभारी हैं. हम अपने अधिकारों के लिए ल’ड़ाई जारी रखने के लिए सभी लोकतां’त्रिक और कानू’नी हथि’यारों का उपयोग करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं.”