APJ अब्दुल कलाम पर वि’वादित बयान के बाद अब महंत का मु’स्लिम बच्चे पर आया ये बयान

यूपी के गाजियाबाद में एक मंदिर में पानी पीने गए एक बच्चे की पि’टाई के मा’मले ने तूल पक’ड़ लिया है। अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक और शिव शक्ति धा’म डासना के संत यति नरसिंहानंद सरस्वती का कहना है कि बच्चा मु’स्लिम सं’प्रदाय का है और मंदिर में मु’स्लिम सं’प्रदाय के लोगों के आने पर मना’ही है।

बाहर बोर्ड पर यह लिखा भी है। उनका कहना है कि जब मंदिर के बाहर नल है, सड़क पार करने पर नल है और पास ही स्थित पंचायत भवन में पानी पीने की सार्वजनिक व्यवस्था है, फिर भी वो लड़का मंदिर के भीतर पानी पीने क्यों आया?

इस मु’द्दे को लेकर मीडिया के कुछ लोगों ने जब महंत से बात की तो उन्होंने कहा कि इस मंदिर में आसपास के कई गांवों के लोगों की श्रद्धा है और बड़ी संख्या में बहू-बे’टियां दर्श’न के लिए आती हैं, जिनके साथ ये लोग छे’ड़खानी करते हैं।

उन्होंने कहा कि “अगर कोई हिन्दू ल’ड़का इस तरह की ह’रकत करता है तो परिवार उसे डां’टता है और चे’तावनी देता है, लेकिन मु’स्लिमों के मा’मले में ऐसा नहीं है और जब उनके युवकों की छे’ड़खानी की शि’कायत लेकर उनके परिजनों के पास विरो’ध दर्ज कराया जाता था तो मु’स्लिम समाज के कई लोग उसके बचा’व में आ जाते थे, जिनमें कई बुजुर्ग भी होते थे। उन्होंने बताया कि इन्हीं चीजों से प’रेशान होकर ‘मु’स्लिमो का प्रवेश वर्जि’त’ वाला बोर्ड लगाया गया है।”

आपको बता दे की पुजारी ने मंगलवार को पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम (APJ Abdul Kalam) के ध’र्म को लेकर, उन्हें “जि’हादी” कहा। दासना देवी मंदिर के यति नरसिंहनाद सरस्वती ने अलीगढ़ में मीडिया से कहा, “देश के शीर्षस्थ परिवारों में कोई भी मुस’लमान भारत समर्थक नहीं हो सकता है और कलाम भी एक जिहा’दी था।”

इतना ही नहीं पुजारी ने बिना किसी सबूत के उन्होंने कलाम पर “DRDO प्रमुख के रूप में पा’किस्तान (Pakistan) को परमा’णु ब’म के फार्मू’ले सप्लाई करने का आरो’प लगाया है। पुजारी ने दा’वा किया, “कलाम ने राष्ट्रपति भवन में एक सेल का गठन किया था, जहां कोई भी मु’स्लिम अपनी शि’कायत दर्ज करा सकता था।”