कोरोना से ल’ड़ने के लिए कांग्रेस ने किया टास्क फाॅर्स का गठन, गुलाम नबी आजाद को दी ये जिम्मेदारी

देश में कोरोना के बढ़ते मा’मले को देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राहत टास्क फोर्स का गठन किया है। इस टास्क फोर्स का नेतृत्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद करेंगे। इस कमेटी में प्रियंका गांधी, युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास के अलावा अंबिका सोनी, मुकुल वासनिक, पवन कुमार बंसल, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, अजॉय कुमार, पवन खेरा, गुरदीप सिंह सप्पल का नाम शामिल है।

गुलाम नबी आजाद को पार्टी के इस महत्वपूर्ण कार्यबल का प्रमुख बनाए जाने का इस मायने में खासा महत्व है क्योंकि वह कांग्रेस के उस ‘जी 23’ समूह का प्रमुख चेहरा हैं जो पार्टी में संगठनात्मक चुनाव और जिम्मेदारी के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग पिछले कई महीनों से कर रहा है।

कांग्रेस ने कोरोना सं’कट में लोगों की मदद के लिए अपने राष्ट्रीय कार्यालय और प्रदेश इकाइयों के कार्यालयों में भी कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। पार्टी की युवा इकाई भारतीय युवा कांग्रेस भी सोशल मीडिया और फोन के माध्यमों से लोगों की मदद कर रही है।

आपको बता दे की इससे पहले बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कोरोना महामा’री के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के व्यवहार को लेकर पार्टी की अं’तरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा है। चार पन्ने की चिट्ठी में जेपी नड्डा ने कहा कि महामा’री और सं’कट की इस घ’ड़ी में कांग्रेस के व्यवहार से दुखी हूं लेकिन हैरान नहीं हूं। नड्डा ने पत्र में लिखा कि आपकी पार्टी के कुछ नेता लोगों की मदद करने में सराहनीय काम कर रहे हैं।

नड्डा ने आगे लिखा कि कुछ नेताओं के सराहनीय कार्यों पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की तरफ से फै’लाई जा रही नेगेटिविटी से ग्रहण लग रहा है। उन्होंने आगे लिखा कि जब भारत कोरोना महामा’री के खि’लाफ अत्यधिक साहस के साथ ल’ड़ रहा है ऐसे में हर कोई चाहेगा कि कांग्रेस के नेता लोगों को गु’मराह करना बं’द करें। उन्होंने आगे कहा कि लोगों में झूठा पैनिक पैदा किया जा रहा है। इसके अलावा कांग्रेस नेता राजनीतिक विरो’ध के आधार पर अपना पक्ष रख रहे हैं।