राजस्थान : बीजेपी को ऐनवक्त पर रद्द करनी पड़ी सारी बैठक, कांग्रेस ने ऐसे बदल डाला सारा गे’म

राजस्थान (Rajasthan) विधानसभा का विशेष सत्र कल (शुक्रवार) से शुरू हो रहा है. प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) और बीजेपी (BJP) नेताओं ने आज (गुरुवार) सत्र को लेकर मुलाकात की. कांग्रेस (Congress) में म’ची आं’तरिक कल’ह के बाद यह बीजेपी नेताओं की पहली मीटिंग है. सोमवार को सचिन पायलट (Sachin Pilot) अपने समर्थक विधायकों के साथ घर वापसी कर चुके हैं और इसी के साथ गहलोत सरकार पर बना क’थित संक’ट ख’त्म हो गया.

जुलाई महीने में सचिन पायलट के ब’गावती ते’वर दिखाने के बाद बीजेपी ने एक बुलाई थी लेकिन बाद में इसे र’द्द कर दिया गया. दरअसल इस मीटिंग में वसुंधरा राजे के शिरकत करने की कोई खबर नहीं थी. सूत्रों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री के सहयोग के बगैर बीजेपी ज्यादा कुछ खास नहीं कर पाएगी. पायलट व उनके बा’गी समर्थकों के ह’टने के बाद क’थित तौर पर गहलोत के पास 102 विधायकों का समर्थन रह गया था, यानी जा’दुई आंकड़े से 1 संख्या ऊपर.

राजस्थान में बीजेपी के पास 72 विधायक हैं. सत्ता में आने के लिए उन्हें 30 विधायकों की जरूरत होती. पायलट कैंप ने कहा था कि उनके पास 30 विधायकों का समर्थन है लेकिन यह संख्या 19 पर आकर रुक गई. इस सियासी संक’ट के दौरान बीजेपी ने विधायकों की ख’रीद-फ’रोख्त से साफ इं’कार किया था. बीते सोमवार सचिन पायलट ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की और सभी गति’रोध ख’त्म किए. बीजेपी ने मंगलवार को विधायकों की बैठक बुलाई थी लेकिन कांग्रेस के पै’च-अप के बाद मीटिंग र’द्द कर दी गई.

राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने इस बारे में कहा, ‘हम अपनी रणनीति पर फिर से काम कर रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी. मीटिंग में वसुंधरा राजे के नहीं आने को लेकर कटारिया ने कहा, ‘वसुंधरा जी का माली कोरो;ना पॉजि;टिव पाया गया है. उन्होंने भी अपना टेस्ट करवाया लेकिन मुझे टेस्ट का नतीजा नहीं मालूम है.’

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने मीटिंग र;द्द होने को लेकर कहा कि जन्माष्टमी के चलते बैठक र;द्द की गई है. वहीं इस मा;मले में CM अशोक गहलोत ने बीजेपी पर निशा;ना सा;धते हुए कहा, ‘बीजेपी नहीं जानती कि उनके साथ ये कैसे हुआ. उन लोगों ने अ;चानक से सभी बैठकें र;द्द कर दीं. उन्हें अहसास हो गया है कि उनका षड’यंत्र काम नहीं कर पाया.’