बीजेपी नेता ने दिलीप कुमार पर दिया विवादित बयान तो, उर्मिला मातोंडकर ने जमकर धोया !

हरियाणा में भाजपा की सोशल मीडिया और आईटी विंग के प्रमुख अरुण यादव ने बॉलीवुड एक्टर दिलीप कुमार के निधन पर ट्वीट किया. उनके ट्वीट पर फिल्म अभिनेत्री और शिवसेना नेत्री उर्मिला मातोंडकर ने सख्त नाराजगी जताई है.

दरअसल आज बुधवार को अरुण यादव ने दिलीप कुमार के निधन पर जो ट्वीट किया उसमें उनके धर्म को लेकर कथित तौर पर निशाना साधा गया. ट्वीट में कहा गया कि उन्होंने हिंदू नाम रखकर पैसा कमाया. मशूहर फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार आज सुबह लंबी बीमारी के बाद 98 साल की उम्र में निधन हो गया.

अरुण यादव ने ट्वीट कर कहा, ‘फिल्मी जगत में हिन्दू नाम रखकर पैसा कमाने वाले मोहम्मद यूसुफ खान (दिलीप कुमार) का निधन भारतीय फिल्म जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. शोक संतप्त परिवार के प्रति गहन संवेदना. दिवंगत आत्मा को शांति दे भगवान. भावभीनी श्रद्धांजलि.’ यादव के ट्वीट पर शिवेसना नेत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘आपको शर्म आनी चाहिए.’

यादव के ट्वीट पर दूसरे ट्विटर उपयोगकर्ताओं ने भी आलोचना की

एक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने लिखा, ‘‘शर्मनाक… किसी के निधन पर आप इस तरह कैसे लिख सकते हैं। अगर किसी मुस्लिम ने हिंदू नाम रख लिया तो क्या समस्या हो गई? और अगर किसी हिंदू ने मुस्लिम नाम रख लिया तो भी दिक्कत है। कृपया समझदारी दिखाओ और अच्छा इंसान बनो, आपको अच्छा महसूस होगा।’’

मालूम हो कि 11 दिसंबर, 1922 को लाला सरवर अली खान और आयशा बेगम के घर जन्मे मोहम्मद यूसुफ खान 12 बच्चों में से एक थे. उनके पिता पेशावर में बागों के मालिक थे, जो तब अविभाजित भारत का एक हिस्सा था. 1940 में अपने परिवार के साथ मतभेदों के बाद वह घर छोड़कर पुणे चले गए, जहां वे स्थानीय आर्मी क्लब में कैंटीन ठेकेदार बन गए.

1943 में प्रसिद्ध बॉम्बे टॉकीज की मालिक देविका रानी ने कैंटीन में नाश्ता किया और युवा खान के विनम्र व्यवहार से प्रभावित हुईं और उनसे पूछा कि क्या वह फिल्मों में अभिनय करना चाहेंगे. उन्होंने कहा कि अगर उनके पिता ने अनुमति दी तो वह करेंगे. मगर पिता इसके हक में नहीं थे. तब उनके पुराने पड़ोसी पृथ्वीराज कपूर ने हस्तक्षे किया सरवार खान को मनाया.

बाद में देविका रानी ने युसुफ से अपना नाम बदलकर ‘दिलीप कुमार’ रखने को कहा. उन्हें एक अभिनेता के रूप में 1,250 रुपए के शानदार मासिक वेतन पर नौकरी की पेशकश की और उन्हें ‘ज्वार भाटा’ (1944 में रिलीज) में कास्ट किया. (एजेंसी इनपुट्स)