पश्चिम बंगाल: बीजेपी विधायक तन्मय घोष टीएमसी में लौटे, भाजपा पर लगाये ये गंभीर आरोप

पश्चिम बंगाल में बिष्णुपुर के विधायक तन्मय घोष सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रतिशो’ध की राजनीति में लिप्त है।

पत्रकारों से बात करते हुए घोष ने दावा किया कि भाजपा पश्चिम बंगाल के लोगों के बीच अराजकता फैलाने का प्रयास कर रही है, जिसके कारण वह टीएमसी में शामिल हो गए। वहीं बीजेपी ने आरोप लगाया कि उसके विधायक को डरा-धमकाकर टीएमसी में शामिल कराया गया है।

उन्होंने कहा, ‘मैं सभी से पश्चिम बंगाल के कल्याण के लिए टीएमसी में शामिल होने का आग्रह करता हूं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हाथों को मजबूत करने की जरूरत है।’ घोष ने आरो’प लगाया कि भाजपा प्रतिशो’ध की रा’जनीति कर रही है और राज्य में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है।

घोष पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले मार्च में टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। इससे पहले, घोष टीएमसी की युवा इकाई के बांकुड़ा जिले के बिष्णुपुर शहर के अध्यक्ष और स्थानीय नगर निकाय के पार्षद भी थे।

घोष का पार्टी में स्वागत करते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने कहा कि भाजपा चुनाव के बाद टीएमसी से बदला लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, ‘हम भाजपा से राजनीतिक रूप से लड़ेंगे। वह पश्चिम बंगाल के लोगों को कमतर दिखाने की कोशिश कर रही है।’ बसु ने कहा कि भाजपा के कई नेता टीएमसी के संपर्क में हैं।

बसु ने दावा किया कि त्रिपुरा के भाजपा विधायक भी टीएमसी के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि जब ममता बनर्जी त्रिपुरा में कदम रखेंगी, तो सुनामी आएगी। उस राज्य के भाजपा नेता इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं। बसु ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व में त्रिपुरा खौफ की घाटी में तब्दील हो गया है।

वहीं पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि विधायक तन्मय को काफी लंबे अपने पाले में लगाने की कोशिश टीएमसी कर रही थी। उन्होंने कहा, ‘वो लोग काफी समय से उनके (तन्मय घोष) के पीछे पड़े थे, वो टीएमसी छोड़कर हमारे साथ आए थे उन्होंने तन्मय घोष के खिलाफ एफआईआर भी करवा दी थी, उन्हें हर तरह से डराया गया। मजबूर होकर उन्होंने टीएमसी जॉइन कर ली।’