बीसीसीआई ने बता दिया राशिद खान आईपीएल में खेल पाएंगे या नहीं

अफगानिस्तान क्रिकेट में अपनी स्थिति पिछले तीन सालों से काफी बेहतर कर चुका है, लेकिन मौजूदा हालात जो वहां बने हुए हैं वो चिंता का विषय है। दरअसल, अफगानिस्तान पर ता’लिबान कब्जा कर रहा है जिस कारण वहां के ना सिर्फ नागरिक मुश्किल दौर में हैं बल्कि क्रिकेट का भविष्य भी खतरे में आ चुका है। ऐसे में अब सवाल यह भी उठ रहा है किया क्या राशिद खान और मोहम्मद नबी आईपीएल का हिस्सा बन पाएंगे या नहीं। अब इसको लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(बीसीसीआई) का बयान सामने आया है।

फिलहाल UK में हैं राशिद व नबी तालि’बान दक्षिण एशियाई देश की बागडोर संभालने के लिए तैयार है क्योंकि राष्ट्रपति अशरफ गनी कथित तौर पर ताजिकिस्तान भाग गए हैं। राशिद और नबी अफगा’निस्तान में नहीं हैं।

वे यूनाइटेड किंगडम में हैं, जो ‘हंड्रेड’ टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। राशिद ट्रेंट रॉकेट्स के लिए खेल रहे हैं और नबी लंदन स्पिरिट्स का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बीसीसीआई घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है और इंडियन प्रीमियर लीग में अफगान खिलाड़ियों की भागी’दारी देखने की उम्मीद कर रहा है।

कही ये बात बीसीसीआई के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘अभी टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी लेकिन हम नजर रख रहे हैं। हमारे लिए कुछ भी नहीं बदलता है और हमें उम्मीद है कि राशिद और अन्य अफगान खिलाड़ी आईपीएल का हिस्सा होंगे।’

यह देखा जाना बाकी है कि क्या राशिद और नबी 21 अगस्त को ‘द हंड्रेड’ के पूरा होने के बाद यूके में रहते हैं या अफगानिस्तान लौटते हैं। अगर वे यूके में रहते हैं, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बीसीसीआई उन्हें वहां से ही यूएई ले आएगा। राशिद और नबी दोनों सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हैं।

अफगानिस्तान का है श्रीलंका का दौरा उम्मीद है कि बीसीसीआई इस स्थिति पर अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड से बात करेगा। आईसीसी के एफटीपी कार्यक्रम के अनुसार, अफगानिस्तान को इस महीने छह सफेद गेंद वाले मैचों के लिए श्रीलंका का दौरा करना है, लेकिन कार्यक्रम का अंतिम रूप तैयार नहीं हुआ है।

राशिद अफगानिस्तान के टी20 कप्तान हैं। राशिद, नबी और मुजीब जादरान अफगानिस्तान के कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जो आईपीएल टीमों में नियमित रूप से शामिल हैं। राशिद वर्तमान में विश्व क्रिकेट में सबसे अधिक मांग वाले टी20 फ्रीलांसरों में से एक है।

नबी और राशिद दोनों ने विश्व नेताओं से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है क्योंकि अफगानिस्तान पिछले दो दशकों में सबसे खराब सामाजिक-राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है।