ऑनलाइन मीट‍िंग में बाबा रामदेव का बयान- ‘किसी के बाप में दम नहीं जो…’

योगगुरु स्वामी रामदेव का वीड‍ियो सोशल मीड‍िया पर वा’यरल हो रहा है. इस वीड‍ियो में बाबा रामदेव बोले रहे है क‍ि किसी के बाप में दम नहीं जो रामदेव को अरेस्ट कर सकता है. सोशल मीड‍िया पर शोर म’चाते हैं क‍ि अरेस्‍ट करो, कभी कुछ चलाते हैं और कभी कुछ चलाते हैं. कभी चलाते है क‍ि ठ’ग रामदेव, कभी महाठग रामदेव, अरेस्‍ट रामदेव कुछ लोग चलाते हैं चलाने दो इनको.

बताया जा रहा है क‍ि सोशल मीडिया पर #arrestbabaramdev के ट्रें’ड होने पर एक ऑनलाइन मीटिंग के दौरान बाबा रामदेव ने यह बयान द‍िया है. हालांक‍ि न्‍यूज 18 इस वीड‍ियो की पुष्‍ट‍ि नहीं करता है.  वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने पतंजलि योगपीठ के प्रमुख स्वामी रामदेव को मानहानि का नोटिस भेजा है.

इस नोटिस में कहा गया है कि बाबा रामदेव अपने बयान के लिए 15 दिनों के भीतर माफी मांगें, नहीं तो IMA उनके खि’लाफ 1000 करोड़ रुपए का दा’वा ठोकेगा. डॉक्टरों के संगठन ने मांग की है कि रामदेव को इस बयान के खि’लाफ लिखित में माफी मांगनी होगी, अन्यथा कानू’नी रूप से ये दा’वा ठोका जाएगा.

रामदेव ने आईएमए से पूछे थे 25 सवाल

रामदेव ने एलोपैथिक दवाओं पर अपने हालिया बयान को वापस लेने के लिए मजबूर किए जाने के बाद सोमवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) से 25 सवाल पूछे थे. रामदेव ने आईएमए से जानना चाहा कि क्या एलोपैथी उच्च रक्तचा’प और मधुमे’ह जैसी बी’मारियों से स्थायी राहत देती है? अपने ट्विटर अकाउंट पर खुला पत्र जारी करते हुए रामदेव ने आईएमए से उनके 25 सवालों का जवाब देने को कहा था. रामदेव ने यह भी पूछा कि क्या दवा उद्योग के पास थायराइड, गठिया, अस्थमा और कोलाइटिस जैसी बीमारियों का स्थायी उपचार उपलब्ध है?

उन्होंने पूछा कि क्या एलोपैथी में फै’टी लीवर (बढ़ा हुआ यकृत) और ली’वर सिरोसिस की दवाएं हैं? उन्होंने सवाल किया, ‘‘जिस प्रकार आपने टीबी और चेचक का इलाज ढूं’ढ लिया है, उसी तरह लीवर की बीमारियों का भी इलाज ढूं’ढें. आखिरकार , एलोपैथी अब 200 साल पुरानी है.’’

योग गुरु ने यह भी जानना चाहा कि क्या इस चिकित्सा पद्धति में दिल की रुकावट संबंधी परेशानियों का कोई गैर सर्जरी उपचार उपलब्ध है? उन्होंने पूछा, ”कोलेस्ट्रॉल का क्या इलाज है?” उन्होंने सवाल किया, ‘क्या फार्मा उद्योग के पास माइग्रेन का इलाज है?’’ योग गुरु ने तमाम बीमारियों जैसे पार्किंसन का नाम गिनाया और जानना चाहा कि क्या एलोपैथी बांझपन का बिना किसी दर्द के दलाज कर सकती है, क्या उसके पास बढ़ती उम्र को रोकने और हेमोग्लोबिन को बढ़ाने का कोई उपाय है.

आईएमए ने बाबा को भेज नोट‍िस में क्‍या कहा है?

आईएमए ने बाबा रामदेव को भेजे नोटिस में कहा है कि उनके बयान से संगठन से जुड़े डॉक्टरों के प्रति आम लोगों के मन में साख को अप्रत्यक्ष रूप से हानि पहुंची है. कानू’नी नोटिस में इसे अपराध बताते हुए सजा और जुर्माने का भी जिक्र किया गया है.

IMA ने योगगुरु को साफ-साफ शब्दों में चे’तावनी दी है कि अगर इस पत्र मिलने के 15 दिनों के भीतर वे अपने बयान के लिए माफी मांगें. जिस तरह उनका पहले के बयान का वीडियो मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रचारित किया गया, उसी तरह बाबा रामदेव माफी मांगने का वीडियो भी प्रचारित करें. साथ ही लिखित में माफी मांगें, अन्यथा उनके खि’लाफ 1000 करोड़ रुपए का दा’वा ठोका जाएगा.