आपातकाल की बरसी पर पीएम मोदी बड़ा बयान, इंदिरा गाँधी पर जम’कर बोला हम’ला

भाजपा नेताओं ने आपातकाल की 46वीं बरसी पर शुक्रवार को कांग्रेस की जम कर निंदा की और आपातकाल के खि’लाफ आवाज बुलंद करने वाले ‘सत्याग्रहियों’ को याद किया. उल्लेखनीय है कि देश में 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 के बीच 21 महीने की अवधि तक आपातकाल लागू रहा. इंदिरा गांधी उस समय देश की प्रधानमंत्री थीं.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक के बाद एक ट्वीट कर कहा कि वर्ष 1975 में आज ही के दिन कांग्रेस ने सत्ता के स्वार्थ व अं’हकार में देश पर आपातकाल थोपकर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की ह’त्या कर दी थी.उन्होंने कहा, ‘‘असंख्य सत्याग्रहियों को रातों रात जेल की कालकोठरी में कै’द कर प्रेस पर ताले ज’ड़ दिए. नागरिकों के मौलिक अधिकार छीनकर संसद व न्यायालय को मूकदर्श’क बना दिया.’’

वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि एक परिवार के विरो’ध में उठने वाले स्वरों को कु’चलने के लिए थोपा गया आपा’तकाल आजाद भारत के इतिहास का एक काला अध्याय है.

उन्होंने कहा, ‘‘21 महीनों तक निर्दयी शासन की क्रू’र यातनाएं सहते हुए देश के संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए निरंतर सं’घर्ष करने वाले सभी देशवासियों के त्याग व ब’लिदान को नमन.’’भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा कि वर्ष 1975 में आज ही के दिन कांग्रेस ने राजनीतिक स्वार्थों के लिए आपा’तकाल की घोषणा की थी जो भारत के महान लोकतंत्र पर काला ध’ब्बा है.

उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन सभी सत्याग्रहियों को नमन करता हूं, जिन्होंने भीषण यातनाएं सहने के बाद भी आपा’तकाल का विरो’ध किया, और लोकतांत्रिक मूल्यों की आस्था को संजोकर रखा.’’

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट किया, ‘‘कांग्रेस का नाम पाखंड है. आज अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करने वाली कांग्रेस ने ही देश में आपा’तकाल लगाया था और सारी स्वतंत्रता ख़’त्म कर दी थी. आपातकाल ही कांग्रेस का सही स्वरुप है.’’

केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने आपा’तकाल को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला दिन बताया और कहा, ‘‘लोकतंत्र की रक्षा के लिए देश के करो’ड़ों लोगों ने अपना सर्वस्व लगाकर संघर्ष किया. उन्होंने यातनाएं झेली और जेल गए. उन सभी लोकतंत्र के रक्षकों को मेरा नमन.’’मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि ‘‘गरीबी हटाओ’’ का नारा देने वाली कांग्रेस ने आपा’तकाल लागू कर गरीबों के मुंह का निवाला छीनने का घनघो’र पाप किया था और उस दौरान सच्चाई के लिए उठने वाली हर आवाज पर जु’ल्म ढाये गये थे.

कांग्रेस पर नि’शाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘समय होत बलवान. समय ने करवट बदली और आपा’तकाल लगाकर जनता की शक्ति छीनने वाले स्वयं शक्तिहीन होकर कहीं के न रहे.’’