यूपी की गवर्नर का बड़ा बयान, प्रदेश में यूं ही नहीं पास हो गया ‘लव जि’हाद’ का’नून, ज्यादातर…

उत्तर प्रदेश में हा’ल ही में शादी-निकाह के बाद ध’र्म परिवर्तन पर रो’क लगाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने कानू’न बनाया था। राज्य में अब इस कानू’न के गलत इस्तेमाल की खबरें भी ते’जी से सामने आने लगी हैं। इसके अलावा महिलाओं के खि’लाफ हो रहे अपरा’धों के कई मा’मलें भी उभरे हैं। यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राज्य में अपने कार्यकाल के डेढ़ साल पूरे होने पर ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात की।

महिलाओं के खि’लाफ बढ़ रहे जु’र्म पर उन्होंने कहा कि हमारे समाज, परिवार और निजी स्तर पर कई बु’राइयां मौजूद हैं। जब यह बु’राइयां बाहर आती हैं, तो इस तरह की घ’टनाएं घ’टती हैं। फिर हमें लगता है कि उन्हें न्याय मिल गया, ठीक का’र्यवाही हो गई। पर मुझे लगता है कि यह परिवार की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों को संभालें। घर पर यह सावधानी से देखा जाना चाहिए कि बेटे और बेटियां बाहर क्या कर रहे हैं। नजर रखनी चाहिए कि क्या कोई प्रतिकूल घ’टना घ’ट सकती है।

शादी या निकाह के बाद ध’र्म परिवर्तन की घ’टनाओं को रो’कने के लिए बने ध’र्म-परि’वर्तन रोकथाम कानू’न पर राज्यपाल ने कहा कि अगर कभी कोई कानू’न लाया जाता है, तो यह यूं ही नहीं होता। एक सर्वे हुआ है, जिसमें देखा गया कि कितनी ल’ड़कियों की शादी हुई और कितनों को प’रेशानी झे’लनी प’ड़ी, कितनी ल’ड़कियां वापस लौटीं और कितनी ल’ड़कियों ने शि’कायत दर्ज कराई। यहां तक कि माता-पिता भी गि’रफ्तारी की मांग के साथ आगे आते हैं और आ’रोप लगाते हैं कि लड़के ने नाम ब’दला था।

राज्यपाल ने कहा, “जब एक सर्वे में ऐसी घ’टनाओं की खबरें बढ़ जाती हैं, तो इस स्थिति में एक विधेयक लाया जाना और उसे लागू करना जरूरी है। महिलाएं मेरे पास अलग-अलग मु’द्दे लेकर आती हैं और अगर जरूरत प’ड़ती है, तो मैं उन्हें सरकार के पास भेजती हूं। पर इस बारे में ज्यादा शि’कायत नहीं हैं।”

समझदार किसान आं’दोलन का हिस्सा नहीं: दिल्ली में जारी किसान आं’दोलन को लेकर किए गए सवाल पर आनंदीबेन पटेल ने कहा कि जो भी किसान समझदार हैं, वे इसमें शामिल नहीं हुए। उन्होंने कहा कि सिर्फ पंजाब के किसान ही प्रदर्श’न में शामिल हैं। जब विधेयक लाया जाता है, तो कोई चर्चा नहीं करता कि उन्हें किस बात पर समस्या है। सिर्फ इसे वापस लेने की मांग हो रही है। सभी को दिमाग से सोचना चाहिए।