कंगाल एयर इंडिया की हालत हुई और बदतर, टीडीएस और पीएफ जमा कराने में भी हुई दिवालिया!

एयर इंडिया के पास टीडीएस और कर्मचारियों की प्रोविडेंट फंड (ईपीएफ) जमा कराने के लिए भी पैसा नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार कंपनी ने टीडीएस और पीएफ के भुगतान में डिफॉल्ट किया है। केंद्र सरकार पहले ही कह चुकी है कि यह तो कंपनी बिकेगी या फिर बंद होगी और कोई ऑप्शन नहीं है। सरकार भी इसे बेचने की पूरी कोशिश कर रही है लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली है।

बता दें कि एयर इंडिया ने टीडीएस के भुगतान में डिफॉल्ट को लेकर इनकार किया है लेकिन पीएफ के मामले में कुछ नहीं कहा। ईटी के एक मेल के जवाब में कंपनी ने कहा, ‘एयर इंडिया पहले ही टीडीएस जमा कर चुकी है। फॉर्म 16 के डिस्ट्रीब्यूशन की प्रक्रिया चल रही है।’ वहीं सरकारी अधिकारियों का कुछ और ही कहना है।

एक अधिकारी की मानें तो, ‘एयर इंडिया ने साल जनवरी से टीडीएस और पीएफ का भुगतान नहीं किया है। कंपनी के पास मार्च अतं तक टीडीएस का 23 करोड़ रुपए का बकाया है। साथ ही पीएफ बकाया भी करोड़ों में है।’

पीएफ के मु’द्दे पर एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी इस बारे में कोई और टिप्प’णी नहीं करना चाहती। एयर इंडिया द्धारा पीएफ और टीडीएस नहीं देने से कार्यरत और रिटायर कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं। ईटी ने 12 जुलाई को जानकारी दी थी कि सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने एयर इंडिया को और इक्विटी सपोर्ट देने से म’ना कर दिया है।

इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति और ख’राब हो गई है। अभी हाल में नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने बयान में कहा था कि सरकार के पास एयर इंडिया को बेचने या बंद करने के अलावा कोई चारा नहीं है।

दुबई की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने दो अक्टूबर तक एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) की उड़ानों पर रो’क लगा दी है. एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक, दुबई अथॉरिटी का आ’रोप है कि एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पिछले कुछ हफ्तों में कोरो’ना (Covid-19) पॉजिटिव सर्टि’फिकेट होने के बावजूद यात्री लाए. यूएई सरकार के निय’मों के अनुसार, भारत से यात्रा करने वाले प्रत्येक यात्री को यात्रा से 96 घंटे पहले को’विड-19 की आरटी-पीसीआर की टे’स्टिंग कराना होगा और ऑरि’जिनल निगेटि’व रि’पोर्ट लाना होगा.