आसाराम को हुआ कोरोना, बिग’ड़ती तबियत के बीच हाई कोर्ट से की ये मांग

25 अप्रैल, 2018 में आसाराम को नाबा’लिग से रे’प का दो’षी करार देते हुए अदालत ने उन्हें आजीवन का’रावास की स’ज़ा दी थी। आसाराम जोधपुर की जे’ल में अपनी स’ज़ा का’ट रहे हैं। अन्य कैदीयों के साथ ही आसाराम का भी कोविड-19 टेस्ट किया गया था जिसकी रिपोर्ट पॉज़िटिव आई। कुछ समय बाद आसाराम का ऑक्सीजन लेवल गि’रने लगा जिसके बाद उन्हें महात्मा गांधी अस्पताल में भ’र्ती करवाया गया था, फ़िर उन्हें बाद में जोधपुर एम्स में भर्ती कराया गया। कोविड पॉज़िटिव होने के कारण आसाराम की तबि’यत लगातार बि’गड़ती जा रही है।

आसाराम द्वारा कोर्ट में इलाज के लिए दाखिल की गई अर्ज़ी पर शुक्रवार सुबह 9 बजे से सुनवाई जारी है। यह सुनवाई जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस देवेंद्र कछवाहा की खंडपीठ कर रही है। बता दें कि आसाराम ने हाईकोर्ट से आयुर्वेद इलाज करवाने की अनुमति मांगी है। फिलहाल उनका इलाज जोधपुर के एम्स अस्पताल में चल रहा है।

आसाराम की इस मांग पर सुनवाई पहले गुरुवार को होनी थी लेकिन राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया के नि’धन के बाद प्रदेश में गुरुवार को राजकीय शो’क घोषित किया गया। इस वजह से न्यायालय भी बन्द रहा और आसाराम की अर्ज़ी पर गुरुवार को सुनवाई नही हो पाई। बता दें कि, आसाराम के वकील जगमाल सिंह चौधरी ने कोर्ट ने अदालत को यह तर्क दिया है कि आसाराम को एलोपैथी इलाज ठीक नही बैठता। वह अपना इलाज आयुर्वेदि पद्धति से करवाना चाहते हैं।

इस अर्ज़ी में यह भी कहा गया कि, आसाराम के शरीर मे हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो रहा है जो की उनके जीवन के लिये ख’तरनाक हो सकता है। इसलिए उन्होंने आयुर्वेदि से इलाज के लिए कोर्ट से 2 महीने की अंतिरम ज़मानत की मांग भी की है। दरअसल, कोरोना वायरस के इलाज के समय आसाराम के पेट में अल्सर की समस्या लग रही थी जिससे कि उनके शरीर से खून निकला था।