राज्यसभा में हं’गामे पर 8 केंद्रीय BJP मंत्रियों की प्रेस कांफ्रेंस, विपक्ष को लेकर कह डाली ये बात

राज्यसभा में बुधवार को सुरक्षाकर्मियों के साथ झ’ड़प को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष आमने सामने है. कांग्रेस के आरोपों के बाद अब आठ केंद्रीय मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पल’टवार किया है. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, देश की जनता इंतजार करती है कि उनसे जुड़े हुए विषयों को सदन में उठाया जाए, वहीं विपक्ष का सड़क से संसद तक एकमात्र एजेंडा सिर्फ अरा’जकता रहा. घ’ड़ियाली आंसू बहाने की बजाए विपक्ष को देश से माफी मांगनी चाहिए.

वहीं संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ‘कांग्रेस और उसके मित्र सहयोगियों ने संसद को नहीं चलने देने का पहले ही फैसला कर लिया था. उन्होंने नए मंत्रियों का परिचय नहीं होने दिया, उन्होंने महत्वपूर्ण बिलों पर भी चर्चा नहीं होने दी. हम मांग करते हैं कि राज्यसभा के सभापति को नियम तो’ड़ने वाले विपक्षी सांसदों के खि’लाफ क’ड़ी का’र्रवाई करनी चाहिए.’

आखिर क्या हुआ था राज्यसभा में…

राज्यसभा में बुधवार को सुरक्षाकर्मियों की अभूतपूर्व तैनाती देखने को मिली ताकि विपक्षी सदस्यों के मेज पर चढ़ने जैसी भ’द्दी घ’टनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके. किंतु इसके बावजूद सदन में विपक्षी सदस्यों ने आसन के समक्ष आकर नारेबाजी की और कागज फा’ड़कर उछाले तथा कुछ सदस्य आसन की ओर बढ़ने का प्रयास करते हुए सुरक्षाकर्मियों से उ’लझ गए.

विपक्षी सदस्य आसन के समक्ष आकर सरकार विरो’धी नारे लगाने लगे. बहरहाल, इन सदस्यों को करीब 50 सुरक्षाकर्मियों द्वारा बनाये गए घेरे ने अधिकारियों की मेज और आसन तक जाने से रो’क दिया. इन सुरक्षाकर्मियों की तै’नाती इस तरह से की गयी थी जिसमें विरो’ध कर रही महिला सां’सदों के समक्ष पुरूष सुरक्षाकर्मी और पुरूष सांसदों के समक्ष महिला सुरक्षाकर्मी ख’ड़े थे.

विरो’ध कर रहे कांग्रेस, वाम, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक आदि विपक्षी दलों के सदस्यों पर इसका कोई प्रभाव नहीं प’ड़ा और उन्होंने विरो’ध करने के दौरान कागज फा’ड़े. अधिकारियों की मेज और आसन की ओर बढ़ने का प्रयास भी किया. कुछ सदस्यों ने सुरक्षाकर्मियों का घेरा तो’ड़ने का प्रयास किया और उनके साथ उलझ गए.