कोरोना के मुआवजे के तौर पर 2 बिलियन डॉलर देगा चीन, राष्ट्रपति शी जिनपिंग का ऐलान

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए दुनियाभर के देशों को 2 बिलियन डॉलर की रकम यानी करीब 15 हजार 166 करोड़ रुपए की रकम देने का ऐलान किया है.

सोमवार को उन्होंने कहा कि ये रकम दो वर्षों के दौरान दी जाएगी. चीन 2 बिलियन डॉलर की रकम कोरोना की महामारी से जूझ रहे देशों को देगा.

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले चीन ने इसकी घोषणा वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की एक मीटिंग की ओपनिंग सेरेमनी के दौरान की. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस मीटिंग को संबोधित किया. पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का संक्रमण चीन से ही फैला है.

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि चीन 2 बिलियन डॉलर की रकम दो वर्षों के दौरान कोरोना की महामारी से जूझ रहे देशों को देगा. ये मदद कोरोना से आर्थिक और सामाजिक तौर पर प्रभावित विकासशील देशों को दी जाएगी.

शी जिनपिंग ने ये भी कहा कि अगर कोरोना की वैक्सीन बन जाती है तो पूरी दुनिया की जनता का ख्याल रखने के लिए सभी को उपलब्ध करवाई जाएगी. चीन में कुछ बड़ी कंपनियां कोरोना वायरस के वैक्सीन की खोज में लगी हुई हैं.

सोमवार को वर्ल्ड हेल्थ असेंबली की 73वीं मीटिंग हुई. ये विश्व स्वासथ्य संगठन के फैसले लेने वाली बॉडी है. 194 सदस्य देशों वाले इस संगठन में विभिन्न देशों की लीडरशिप ने संगठन के नेतृत्व, प्राथमिकताओं और उसके बजट को लेकर संतुष्टि जाहिर की.

इस साल कोरोना वायरस की वजह से ये मीटिंग सिर्फ दो दिन के लिए रखी गई है. मीटिंग में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न देशों के लीडरशिप अपने विचार रख रहे हैं.

आधिकारिक तौर पर कोरोना वायरस का संक्रमण चीन से फैला है. अभी तक पूरी दुनिया कोरोना के संक्रमण से जूझ रही है. पूरी दुनिया के सामने हेल्थ के साथ आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. पूरी दुनिया में कोरोना के चलते करीब 3 लाख 15 हजार लोग मारे गए हैं.

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक मीटिंग में यूरोपियन यूनियन और ऑस्ट्रेलिया के साथ करीब 116 देशों ने वायरस के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच की मांग की है. अगर 194 देशों में से हो तिहाई देश इस मांग के पक्ष में रहते हैं तो मंगलवार को इस का प्रस्ताव सामने रखा जा सकता है.

हालांकि चीन ने कोरोना वायरस को लेकर अंतर्राष्ट्रीय जांच की मांग पर अपने कदम खींच लिए हैं. चीन के राष्ट्रपति ने इस पर साफ तौर पर तो कुछ नहीं कहा लेकिन उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि चीन कोरोना वायरस को लेकर पारदर्शी और जिम्मेदार तरीके से विश्व स्वास्थ्य संगठन को जानकारियां दी हैं.